SHE Marts Mission: ग्रामीण महिलाओं के लिए नया उद्यमी अवसर
महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बजट 2026 में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जिसका नाम SHE Marts Mission है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों को बेचने के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें छोटे उद्यमियों से सफल व्यवसायियों में बदलना है। SHE का अर्थ है Self-Help Entrepreneur। इस मिशन के तहत देश के हर जिले में महिला संचालित रिटेल स्टोर खोले जाएंगे, जहां स्वयं सहायता समूह (SHG) और ग्रामीण महिलाएं अपने उत्पाद बेच सकेंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और बाजार तक पहुंच आसान होगी।
SHE Marts Mission का उद्देश्य
SHE Marts Mission का लक्ष्य महिलाओं को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय की स्वामित्व देने की दिशा में एक कदम है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकें। यह योजना लखपति दीदी योजना की सफलता पर आधारित है, जिससे महिलाओं को स्थायी आय और व्यवसाय का अवसर मिल सके।
बिक्री के लिए उपलब्ध उत्पाद
SHE Mart में ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के उत्पाद बेचे जाएंगे। इनमें हस्तशिल्प, हस्तनिर्मित सामान, अचार, पापड़, मसाले, अन्य खाद्य उत्पाद, सिलाई-कढ़ाई से संबंधित कपड़े, बांस, मिट्टी और लकड़ी के सामान, साथ ही स्थानीय और पारंपरिक उत्पाद शामिल होंगे। सरकार पैकेजिंग, ब्रांडिंग और गुणवत्ता सुधार में भी सहायता प्रदान करेगी।
आवेदन प्रक्रिया
यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए बनाई गई है। आवेदन केवल वे महिलाएं कर सकेंगी जो राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उत्पादन, हस्तशिल्प या खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। संचालन क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के माध्यम से किया जाएगा।
महिलाओं को लाभ कैसे मिलेगा?
SHE Marts Mission का उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाना है। यह योजना ग्रामीण उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेगी और गांव तथा शहर के ग्राहकों के बीच की दूरी को कम करेगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को सम्मान, पहचान और स्थायी आय का अवसर मिलेगा। चूंकि यह योजना नई है, इच्छुक महिलाओं को DRDA और SRLM से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।