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UK संसद में शब्बीर अहमद के खिलाफ कानूनी संशोधन का प्रस्ताव

यूके की संसद में शबाना महमूद ने शब्बीर अहमद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी संशोधन पेश किया है, जिसका उद्देश्य उसे पाकिस्तान भेजने में आ रही बाधाओं को समाप्त करना है। अहमद, जो एक घिनौने ग्रूमिंग गैंग का लीडर था, को 2012 में यौन अपराधों के लिए सजा सुनाई गई थी। इस प्रस्ताव के माध्यम से महमूद ने होम सेक्रेटरी को गंभीर अपराधियों के मामलों में नई शक्तियाँ देने का प्रयास किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अहमद का काला इतिहास।
 

शबाना महमूद का महत्वपूर्ण कदम

शबाना महमूद ने यूके की संसद में एक नया संशोधन पेश किया है, जिसका उद्देश्य 'ग्रूमिंग गैंग' के प्रमुख शब्बीर अहमद को पाकिस्तान भेजने में आ रही कानूनी बाधाओं को समाप्त करना है। अहमद को 2012 में कम उम्र की लड़कियों के साथ यौन अपराधों के कई मामलों में सजा सुनाई गई थी और हाल ही में उसे रिहा किया गया है। वह 1971 के एक कानून के तहत सुरक्षित है, जो उन कॉमनवेल्थ नागरिकों को देश से बाहर भेजने पर रोक लगाता है, जो 50 साल पहले यूके आए थे। महमूद ने हाउस ऑफ कॉमन्स में बताया कि इस संशोधन से होम सेक्रेटरी को गंभीर अपराधियों के मामलों में इमिग्रेशन एक्ट 1971 की धारा 7 को लागू न करने की नई शक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम अहमद को देश से बाहर भेजने की गारंटी नहीं देता, लेकिन उसकी वापसी के प्रयास जारी हैं।


अहमद का घिनौना इतिहास

अहमद उस ग्रुप का लीडर था, जो टीनएज लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका यौन शोषण करता था। ये लोग लड़कियों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें टेकअवे खाना और सिगरेट देते थे, फिर शराब पिलाकर उनका यौन शोषण करते थे। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अहमद, जो अब 73 वर्ष का है, को पीड़ित लड़कियां 'डैडी' कहकर बुलाती थीं।


कानूनी बदलाव की आवश्यकता

महामूद ने सांसदों को बताया कि यह संशोधन शब्बीर अहमद जैसे मामलों में इमिग्रेशन एक्ट 1971 की धारा 7 को लागू न करने की शक्ति देगा। उन्होंने कहा कि यह कानून लंबे समय से यूके में रह रहे लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन ऐसे मामलों में इसे बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रस्तावित बदलाव से यह सुनिश्चित नहीं होगा कि अहमद को देश से बाहर भेजा जाएगा।


पाकिस्तान का रुख

खबरों के अनुसार, पाकिस्तान ने अहमद को लेने से मना कर दिया है। इसके अलावा, उसकी वापसी को ब्रिटेन में रह रहे तथाकथित पाकिस्तानी असंतुष्टों के प्रत्यर्पण से जोड़ने की कोशिशें चल रही हैं। महमूद ने संसद में कहा कि यह ध्यान रखना आवश्यक है कि इससे अहमद को देश से बाहर भेजने की कोई गारंटी नहीं मिलती।


अहमद की नागरिकता और निगरानी

अहमद की ब्रिटिश नागरिकता तब छीन ली गई थी जब उसे 22 साल की सजा सुनाई गई थी। अब रिहाई के बाद, उसे निगरानी वाली जगह पर रखा गया है और GPS टैग के जरिए ट्रैक किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को सभी पार्टियों का समर्थन प्राप्त है। विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी ने इस 'घिनौने गैंग-रेपिस्ट' के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है।