WhatsApp का नया 'After Reading' फीचर: प्राइवेसी में होगा बड़ा बदलाव
WhatsApp का नया फीचर
मुंबई, 19 अप्रैल। WhatsApp अपने यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत करने के लिए एक नया फीचर 'After Reading' पेश करने की तैयारी कर रहा है। इस फीचर के तहत, जैसे ही कोई मैसेज पढ़ा जाएगा, वह अपने आप गायब हो जाएगा। यह मौजूदा डिसअपीयरिंग मैसेज से कहीं अधिक उन्नत और सुरक्षित होगा।
नए फीचर की विशेषताएँ
दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने यूजर्स की प्राइवेसी को और बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी 'After Reading' नामक एक नए फीचर का परीक्षण कर रही है, जो मैसेजिंग के अनुभव को पूरी तरह से बदल देगा। इस फीचर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मैसेज डिलीट होने का टाइमर तब शुरू होगा जब रिसीवर उस मैसेज को पढ़ लेगा। पहले, WhatsApp में मैसेज डिलीट करने के लिए एक निश्चित समय सीमा होती थी (24 घंटे से 90 दिन तक), लेकिन अब यह पूरी तरह से भेजने वाले के नियंत्रण में होगा।
कैसे है 'After Reading' फीचर मौजूदा सिस्टम से अलग?
कैसे है 'After Reading' फीचर मौजूदा सिस्टम से अलग?
वर्तमान में उपलब्ध 'Disappearing Messages' फीचर में समय की गणना मैसेज भेजने के साथ ही शुरू हो जाती है, चाहे रिसीवर ने उसे पढ़ा हो या नहीं। नए फीचर में यह खामी दूर कर दी गई है। इसमें जब तक रिसीवर मैसेज नहीं देखेगा, वह चैट बॉक्स में सुरक्षित रहेगा। जैसे ही मैसेज पढ़ा जाएगा, यूजर द्वारा सेट किया गया टाइमर (कुछ मिनट या घंटे) सक्रिय हो जाएगा और तय समय बाद मैसेज गायब हो जाएगा। यह अपडेट उन यूजर्स के लिए वरदान साबित होगा जो संवेदनशील जानकारी या पासवर्ड जैसी चीजें शेयर करते हैं।
सेटिंग में मिलेंगे कई विकल्प
सेटिंग में मिलेंगे कई विकल्प
रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp इस फीचर के लिए एक नया और सरल इंटरफेस तैयार कर रहा है। यूजर्स को इसमें कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक के विभिन्न विकल्प मिलेंगे। खास बात यह है कि आप अपनी जरूरत के अनुसार किसी विशेष व्यक्ति के लिए यह सेटिंग ऑन कर सकते हैं या फिर इसे डिफॉल्ट रूप से सभी चैट्स पर लागू कर सकते हैं। प्राइवेसी के इस नए स्तर से यूजर्स को अब मैसेज मैन्युअली डिलीट करने की चिंता नहीं रहेगी।
कब तक मिलेगा यह अपडेट?
कब तक मिलेगा यह अपडेट?
WhatsApp का यह प्राइवेसी फीचर फिलहाल एंड्रॉयड बीटा वर्जन पर परीक्षण के चरण में है। कंपनी इसे और अधिक परिष्कृत और बग-फ्री बनाने पर काम कर रही है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इसे पहले बीटा टेस्टर्स के लिए और फिर वैश्विक स्तर पर सभी एंड्रॉयड और iOS यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया जाएगा। प्राइवेसी विशेषज्ञों का मानना है कि इस अपडेट के बाद स्क्रीनशॉट लेने या डेटा लीक होने के खतरों में काफी कमी आएगी।