अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर नेताओं ने दिया 'नशा मुक्त भारत' का संदेश
उपराष्ट्रपति और नेताओं का संकल्प
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सहित कई प्रमुख नेताओं ने 'नशा मुक्त भारत' का संदेश साझा किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ इस दिन, हमें 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण के लिए अपने सामूहिक संकल्प को फिर से दोहराना चाहिए।
सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं उन विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और संगठनों की सराहना करता हूं जो इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयास एक मजबूत, स्वस्थ और नशा-मुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आइए, हम सब मिलकर जागरूकता फैलाएं, नशा छोड़ने की प्रक्रिया में लोगों का समर्थन करें और युवाओं को नशे के बजाय उम्मीद, स्वास्थ्य और जीवन के उद्देश्य को चुनने के लिए प्रेरित करें।"
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी इस अवसर पर लिखा, "नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, आइए हम एक स्वस्थ, मजबूत और नशा-मुक्त भारत के निर्माण के अपने संकल्प को फिर से दोहराएं। जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और सही विकल्पों को बढ़ावा देकर, हम अपने युवाओं को उनकी पूरी क्षमता पहचानने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए सशक्त बना सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि हमें एक ऐसे भविष्य की दिशा में काम करना चाहिए जहां हर व्यक्ति उम्मीद, सम्मान और अवसरों के साथ आगे बढ़ सके।
राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने भी इस दिन को महत्वपूर्ण बताया और लिखा, "नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर, आइए हम एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त समाज के निर्माण के अपने संकल्प को फिर से दोहराएं। नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों से युवाओं को बचाने के लिए जागरूकता, परिवार का सहयोग, समुदाय की भागीदारी और समय पर सही कदम उठाना बहुत जरूरी है।"
उन्होंने यह भी कहा कि हमें एक ऐसे समाज की दिशा में काम करना चाहिए जहां हर युवा अपनी पूरी क्षमता को पहचान सके और उसे हासिल कर सके।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बस्वा सरमा ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की और लिखा, "आज हम नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मना रहे हैं। हमारी सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रही है और नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। हम अपने युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने और उन्हें इस सामाजिक बर्बादी से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"