अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के चलते सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग पांच प्रतिशत घटकर 92.12 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी पांच प्रतिशत से अधिक गिरकर 84.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर
पिछले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में लगभग दस प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जिससे यह मई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद, भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने 27 जुलाई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। देशभर में 25 मई 2026 के बाद से ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष का बयान
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने बताया कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव तब ही होगा जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार कम स्तर पर स्थिर रहेंगी। इससे यह स्पष्ट है कि उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।
ईंधन की कीमतों में वृद्धि का इतिहास
सरकारी तेल कंपनियों ने मई 2026 में कई चरणों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे। 15 मई को पेट्रोल की कीमत में तीन रुपये और डीजल में 3.29 रुपये की वृद्धि की गई। इसके बाद 19 और 23 मई को दोनों ईंधनों की कीमतों में क्रमशः 87 पैसे और 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई। 25 मई को फिर से पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था।
शहरों में ईंधन की कीमतें
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
सरकारी तेल कंपनियों पर असर
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का प्रभाव सरकारी तेल कंपनियों पर भी पड़ा है। बीपीसीएल और एचपीसीएल को जून तिमाही में भारी नुकसान हुआ है, जबकि आईओसीएल के तिमाही नतीजों का अभी इंतजार किया जा रहा है।