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अंबाला में बाढ़: टांगरी नदी का उफान, 45 कालोनियों में बाढ़ की स्थिति

अंबाला में हाल ही में हुई बारिश के कारण टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे 45 कालोनियों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एसडीआरएफ ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य शुरू किया है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। जानें इस बाढ़ के कारण और प्रशासन की तैयारियों के बारे में।
 

अंबाला में बाढ़ की स्थिति

अंबाला बाढ़ समाचार (Ambala Flood News): हाल ही में पहाड़ों पर हुई बारिश के कारण शुक्रवार को अंबाला की 45 कालोनियों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। टांगरी, मारकंडा और बेगना नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। टांगरी नदी के तेज बहाव ने इन कालोनियों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी, जिससे बच्चे, महिलाएं और पुरुष फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।


टांगरी नदी में 40,000 क्यूसेक पानी आया, जबकि मारकंडा नदी में 42,200 क्यूसेक और बेगना नदी में 25,000 क्यूसेक पानी का बहाव देखा गया। प्रशासन दिनभर स्थिति पर नजर रखे हुए था और अधिकारी现场 का दौरा करते रहे।


प्रदेश के परिवहन, ऊर्जा और श्रम मंत्री अनिल विज ने सुबह और शाम को टांगरी नदी और उसके किनारे बसी कालोनियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया जाए और उनकी सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए। चंदपुरा में कच्चा बांध टूटने से पानी सरसेहड़ी की ओर बढ़ गया, जिससे गांव में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।


एक पुल का कच्चा हिस्सा भी टांगरी नदी के बहाव में बह गया, जिससे बब्याल से चंदपुरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। पानी का बहाव करीब 500 मीटर तक दिखाई दिया, जबकि सड़क के ऊपर से भी पानी बहता रहा। इंडस्ट्रियल एरिया में व्यवसायियों ने पहले ही सुबह अपने सामान को ऊपरी मंजिलों पर पहुंचा दिया था। देर शाम तक एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में जुटी रहीं। पिछले वर्ष 2023 में भी टांगरी नदी का पानी बाहर आया था, जिससे बाजारों में बाढ़ आ गई थी।


चंदपुरा की ओर टांगरी का कच्चा बांध टूटा


चंदपुरा की ओर टांगरी नदी का कच्चा बांध टूट गया, जिससे पानी गांव सरसेहड़ी की ओर बढ़ गया। बांध को फिर से बनाने की कोशिश की गई, लेकिन बहाव तेज होने के कारण यह संभव नहीं हो सका। इस कारण गांव की गलियों में पानी भर गया।


लोगों ने अपने घरों के आगे रेत के बैग रखकर पानी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कुछ घरों में पानी घुस गया। गुरुद्वारा साहिब की ओर जाने वाली गली भी पानी से भरी रही। बधाल से चंदपुरा आने वाले पुल से आवाजाही भी बंद हो गई। इस पुल के निचले हिस्से से पानी सड़क से ऊपर बहने लगा, जिससे सड़क का दृश्य भी गायब हो गया।


चंदपुरा की ओर खड़े लोग पानी के कम होने का इंतजार कर रहे थे, जबकि ब्याल साइड से लोग बाइक लेकर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया।


स्कूलों में छुट्टियां घोषित


शुक्रवार की सुबह जैसे ही प्रशासन ने अलर्ट जारी किया, सूचना शिक्षा विभाग तक पहुंच गई। टांगरी के आसपास के स्कूलों में तुरंत छुट्टी घोषित कर दी गई। अभिभावकों को संदेश भेजा गया कि वे अपने बच्चों को घर ले जाएं, क्योंकि टांगरी नदी में पानी बढ़ने का अलर्ट था। जो बच्चे स्कूल बस से आते-जाते हैं, उन्हें बस के माध्यम से घर पहुंचाया गया। डीएवी स्कूल रिवरसाइड ने स्कूल के मुख्य द्वार पर करीब डेढ़ फीट ऊंची दीवार बना दी और रेत के बैग भी रख दिए ताकि बारिश का पानी स्कूल में न घुस सके।