अनंत सिंह का परिवारवाद पर नया बयान, राजनीति में गरमाई बहस
अनंत सिंह का बेबाक बयान
पटना: मोकामा के विधायक अनंत सिंह अक्सर अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने परिवारवाद पर कुछ ऐसा कहा है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने नीतीश कुमार के बेटे निशांत की मंत्री पद पर नियुक्ति को परिवारवाद मानने से साफ इनकार किया है।
परिवारवाद की नई परिभाषा
जब अनंत सिंह से निशांत कुमार को मंत्री बनाने के बारे में सवाल किया गया, तो वह भड़क गए। उन्होंने परिवारवाद की परिभाषा को नए तरीके से प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि कोई नेता अपने एक बेटे को उत्तराधिकारी बनाता है, तो यह परिवारवाद नहीं है। उनका कहना था कि असली परिवारवाद तब होता है जब कोई अपने सभी रिश्तेदारों को राजनीति में लाता है। अनंत सिंह का यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।
नीतीश पर आरोपों पर प्रतिक्रिया
नीतीश पर आरोप लगाने से भड़के अनंत
अनंत सिंह ने नीतीश कुमार पर परिवारवाद का आरोप लगाने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने शरीर में कीड़े होना चाहिए। उनका कहना था कि नीतीश कुमार ने अपने परिवार के किसी सदस्य को राजनीति में नहीं लाया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को अपने बेटे को खड़ा करने में कठिनाई होती है और इसे परिवारवाद कहा जाता है, तो फिर शादी नहीं करनी चाहिए।
मोकामा सीट का विरासत
अनंत सिंह के लिए पुश्तैनी सीट रही है मोकामा!
अनंत सिंह जिस मोकामा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, वह उनके लिए एक तरह से विरासत है। उनके भाई दिलीप सिंह पहले इस सीट से विधायक थे। दिलीप के निधन के बाद अनंत ने राजनीति में कदम रखा और तब से यह सीट उनके पास है। उनकी पत्नी नीलम भी इस सीट से विधायक रह चुकी हैं। अनंत ने कई बार पार्टी बदली, लेकिन हर बार जीत हासिल की। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने जदयू के टिकट पर फिर से जीत दर्ज की।
राजनीति से संन्यास के संकेत
राजनीति से सन्यास के दे चुके हैं संकेत
हाल ही में अनंत सिंह ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा था कि वह अपनी राजनीतिक विरासत अपने बेटे को सौंपने की योजना बना रहे हैं। शायद यही कारण है कि जब उनसे परिवारवाद पर सवाल किया गया, तो वह भड़क गए और एक नई परिभाषा पेश की।