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अभिजीत दीपके ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

दिल्ली में नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन पर अभिजीत दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश केवल अमित शाह ही दे सकते थे और उनके इस्तीफे की मांग की। दीपके ने सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों के उपयोग पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा, उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की आलोचना की और बाबा रामदेव के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। जानें इस विवादास्पद मुद्दे पर दीपके के विचार।
 

छात्र आंदोलन पर अभिजीत दीपके के आरोप

नई दिल्ली। दिल्ली में नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों द्वारा किए गए आंदोलन के मुद्दे पर विवाद बढ़ता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश गृह मंत्री से ही आया होगा। इसके साथ ही, उन्होंने अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र संकट में है और इसे बचाने के लिए केवल विपक्ष नहीं, बल्कि आम जनता को भी आगे आना चाहिए।


सीबीआई और जांच एजेंसियों पर दीपके की टिप्पणी

दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ उनका आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक था। उन्होंने यह भी बताया कि इस आंदोलन के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। दीपके ने आरोप लगाया कि देश की प्रमुख संस्थाओं का कर्तव्य लोकतंत्र को मजबूत करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का उपयोग शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) जैसे दलों को तोड़ने के लिए किया गया। इसके अलावा, उन्होंने न्यायपालिका पर भी सवाल उठाए।


अमित शाह पर बल प्रयोग का आरोप

दीपके ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई को छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश केवल अमित शाह ही दे सकते थे। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा अमित शाह के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। दीपके ने कहा कि यदि यह आरोप लगाया जा रहा है कि CJP को विदेश से फंडिंग मिल रही है, तो यह भी गृह मंत्री की विफलता मानी जाएगी। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि यदि यह सच है, तो अमित शाह किस प्रकार के 'चाणक्य' हैं।


नए शिक्षा मंत्री और बाबा रामदेव पर दीपके की प्रतिक्रिया

दीपके ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री दुष्कर्म के दोषियों की प्रशंसा करते हैं, तो यह गलत संदेश देता है। इसके साथ ही, उन्होंने बाबा रामदेव के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि जेनरेशन-जी ने भारत की संस्कृति को बदनाम किया है। दीपके ने कहा कि बाबा रामदेव को अपनी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।


दिल्ली पुलिस पर आरोप

दीपके ने आरोप लगाया कि 19 और 20 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस आंदोलन स्थल के पास पत्थरों से भरे ट्रक लेकर आई थी। उन्होंने कहा कि एक क्षतिग्रस्त वैन भी वहां खड़ी की गई थी, जो छात्रों पर पथराव का आरोप लगाने की योजना का हिस्सा थी। उन्होंने इस बारे में संबंधित डीसीपी से बात की, लेकिन पुलिस ने कहा कि ट्रक निर्माण स्थल का मलबा लेकर आए थे, जिस पर दीपके ने सवाल उठाया।


किसानों और पुलिस के प्रति दीपके का दृष्टिकोण

दीपके ने कहा कि यदि भविष्य में किसानों को उनके संगठन के समर्थन की आवश्यकता होगी, तो CJP उनके साथ खड़ी होगी। उन्होंने पुलिस से संविधान के अनुसार काम करने की अपील की और कहा कि पुलिस किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस संविधान के बजाय भाजपा के आदेश पर काम करेगी, तो उसे 'खाकी पैंट' पहनकर भाजपा मुख्यालय के सामने खड़ा होना चाहिए।