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अमरनाथ यात्रा: जम्मू से 3,800 से अधिक तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था रवाना

अमरनाथ यात्रा के तहत, 3,800 से अधिक तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था शुक्रवार को जम्मू बेस कैंप से रवाना हुआ। यह यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त को समाप्त होगी। तीर्थयात्री पारंपरिक नुनवान-पहलगाम और बालटाल मार्ग से यात्रा कर रहे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी। अब तक कुल 8,687 तीर्थयात्री जम्मू से घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा के कई स्तरों की व्यवस्था की गई है।
 

अमरनाथ यात्रा की ताजा जानकारी


जम्मू: दक्षिण कश्मीर के हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए 3,800 से अधिक तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था शुक्रवार को जम्मू बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ।


यात्रा का समापन 28 अगस्त को


अमरनाथ गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा, जो 57 दिनों तक चलेगी, शुक्रवार सुबह अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से शुरू हुई। यह यात्रा 28 अगस्त को समाप्त होगी।


भगवती नगर बेस कैंप से 3,865 तीर्थयात्री रवाना


अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सुरक्षा में 201 वाहनों के काफिले के साथ 3,865 तीर्थयात्री भगवती नगर बेस कैंप से रवाना हुए। इनमें से 1,735 तीर्थयात्री 115 वाहनों में बालटाल बेस कैंप की ओर और 2,130 तीर्थयात्री 86 वाहनों में अनंतनाग जिले के पारंपरिक पहलगाम बेस कैंप की ओर बढ़ रहे हैं।


उपराज्यपाल ने पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी


भगवती नगर बेस कैंप का माहौल भक्तिमय था, जहां तीर्थयात्रियों ने यात्रा शुरू करने से पहले बम बम भोले, हर हर महादेव और जय बर्फ़ानी बाबा के जयकारे लगाए। कई लोगों ने यात्रा के सुचारू संचालन के लिए की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को 4,822 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


अब तक कुल 8,687 तीर्थयात्री जम्मू से रवाना


दूसरे जत्थे के रवाना होने के साथ, गुरुवार से अब तक कुल 8,687 तीर्थयात्री जम्मू बेस कैंप से घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं। अधिकारियों ने यात्रा के काफिले की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और सभी ट्रांज़िट कैंपों में कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की है। वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए भगवती नगर बेस कैंप और उसके आस-पास भी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।