अमरनाथ यात्रा पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू, पहली पूजा 29 जून को
अमरनाथ यात्रा की तैयारियां शुरू
इस वर्ष पहली पूजा 29 जून को होगी, श्राइन बोर्ड ने यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
श्री अमरनाथ यात्रा पंजीकरण (जम्मू/श्रीनगर): अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने 2026 के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया की घोषणा की है। देशभर में 15 अप्रैल से 554 चयनित बैंक शाखाओं में श्रद्धालु पंजीकरण करवा सकेंगे। यह प्रक्रिया पहले आओ-पहले पाओ के सिद्धांत पर आधारित होगी। हर साल जून के अंत से अगस्त तक अमरनाथ जी की पवित्र गुफा की यात्रा का आयोजन होता है। यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए श्राइन बोर्ड ने आवश्यक तैयारियां आरंभ कर दी हैं।
पवित्र गुफा की ऊंचाई
यह पवित्र गुफा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में समुद्रतल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी। यह तीर्थयात्रा गर्मियों में होती है और श्रावण पूर्णिमा को समाप्त होती है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस गुफा में भगवान शिव, मां पार्वती और भगवान गणेश के दर्शन के लिए आते हैं।
पंजीकरण की प्रक्रिया
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं के दुर्घटना बीमा की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। इस वर्ष तीर्थयात्रियों को जम्मू कश्मीर की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से अवगत कराने के लिए एक लेजर और साउंड शो का आयोजन भी किया जाएगा, जो जम्मू और श्रीनगर में होगा।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, यात्रा परमिट आधार-आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी प्रमाणीकरण के बाद एनआईसी पोर्टल पर जारी किया जाएगा। यदि प्रमाणीकरण में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो बैंक शाखा मैन्युअल फोटो और डेटा प्रविष्टि के माध्यम से पंजीकरण कर सकेगी।