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अमृतसर-अजमेर एक्सप्रेस में अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा

उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने अमृतसर-अजमेर एक्सप्रेस में 2 अगस्त से 1 सितंबर तक एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। यह अस्थायी व्यवस्था यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध कराएगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। रेलवे का उद्देश्य बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए कन्फर्म सीटों की संख्या बढ़ाना है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि इससे प्रतीक्षा सूची में कमी आने की उम्मीद है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की जानकारी अवश्य जांचें।
 

रेल यात्रियों के लिए नई सुविधा


रेल यात्रियों के लिए एक सुखद समाचार है। उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल ने अमृतसर से अजमेर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। यह सुविधा 2 अगस्त से 1 सितंबर तक लागू रहेगी, जिससे यात्रियों को अधिक सीटें मिलेंगी और यात्रा अधिक आरामदायक होगी।


एक महीने तक अतिरिक्त स्लीपर कोच का लाभ

फिरोजपुर मंडल के अनुसार, ट्रेन संख्या 19612/19614 अमृतसर-अजमेर एक्सप्रेस में 2 अगस्त से 1 सितंबर तक एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़ा जाएगा। यह व्यवस्था अस्थायी है और इसका उद्देश्य बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए अधिक सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे यात्रा के दौरान भीड़ कम होगी और लंबी दूरी के यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।


प्रतीक्षा सूची में कमी लाने का प्रयास

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक बसंत कुमार ने बताया कि अतिरिक्त कोच की व्यवस्था से अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में मदद मिलेगी। इसके परिणामस्वरूप प्रतीक्षा सूची में भी कमी आने की संभावना है। रेलवे का मानना है कि यह निर्णय यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक और व्यवस्थित बनाएगा। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यह कदम यात्रियों के लिए राहत प्रदान करेगा।


यात्रा से पहले ट्रेन की जानकारी जांचें

रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की आरक्षण और परिचालन संबंधी जानकारी अवश्य जांच लें। इसके लिए राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (NTES) और रेलवे हेल्पलाइन 139 का उपयोग किया जा सकता है। फिरोजपुर मंडल ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करना उसकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसी व्यवस्थाएं की जाती हैं।