अमृतसर के अस्पताल में नवजातों की सुरक्षा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
अमृतसर में सुरक्षा में वृद्धि
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में स्थित गुरु नानक देव अस्पताल (जीएनडीएच) ने पिछले एक वर्ष में नवजात शिशुओं के गायब होने की दो घटनाओं के बाद अपनी सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया है। अब पांच मंजिला बच्चा वार्ड में हर मंजिल पर तीन सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिससे कुल 18 सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
सुरक्षा की नई व्यवस्था
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्चा वार्ड में आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा कर्मी आगंतुकों से पूछताछ कर रहे हैं कि वे किस मरीज से मिलने आए हैं और उनका अस्पताल में क्या संबंध है। बिना उचित कारण किसी को भी वार्ड में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
परिजनों की चिंताएं
कैसी है वहां की स्थिति?
हालांकि सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद मरीजों और उनके परिवारों में चिंता बनी हुई है। नवजात शिशुओं के गायब होने की घटनाओं के कारण कई परिवार अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रसव के बाद कई महिलाएं अपने नवजात की निगरानी के लिए रातभर जागती हैं।
एक महिला के परिजनों ने कहा कि जब तक अस्पताल की सुरक्षा पूरी तरह से भरोसेमंद नहीं हो जाती, तब तक वे अपने नवजात को अकेला नहीं छोड़ेंगे। परिवार के सदस्य बारी-बारी से जागकर बच्चे पर नजर रखते हैं।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने क्या बताया?
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कर्मजीत सिंह ने कहा कि बच्चा वार्ड में सुरक्षा कर्मियों की नियमित तैनाती की गई है। उन्हें नवजात वार्ड के आसपास सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। जिन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां नए कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, वार्ड में प्रवेश और निकास की निगरानी बढ़ाई जा रही है। सुरक्षा कर्मी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अस्पताल के अंदर कौन आया, किससे मिलने आया और कितनी देर तक वार्ड में रहा। प्रशासन का कहना है कि मरीजों और नवजात शिशुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।