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अमृतसरी कुलचे को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू

पंजाब सरकार ने अमृतसरी कुलचे को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस पहल से न केवल कुलचे की असली पहचान सुरक्षित होगी, बल्कि स्थानीय निर्माताओं को भी लाभ मिलेगा। अमृतसर में होने वाली बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और प्रमुख निर्माताओं को आमंत्रित किया गया है। जानें इस प्रक्रिया के लाभ और आगे की योजना के बारे में।
 

अमृतसरी कुलचे को मिलेगी नई पहचान


पंजाब के प्रसिद्ध अमृतसरी कुलचे को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। पंजाब सरकार के खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने इसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिलाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस संदर्भ में अमृतसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है।


जीआई टैग के लिए तैयारी में तेजी

अमृतसरी कुलचा लंबे समय से पंजाब की खाद्य संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसकी लोकप्रियता अब केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में भी इसे पसंद किया जा रहा है। इस बढ़ती मांग के साथ इसकी नकल भी बड़े पैमाने पर होने लगी है। सरकार का मानना है कि इससे अमृतसरी कुलचे की असली पहचान पर असर पड़ रहा है। इसी कारण खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने इसे जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू की है। 19 जून को अमृतसर में होने वाली बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रमुख कुलचा निर्माताओं को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि आगे की योजना बनाई जा सके।


जीआई टैग के लाभ

जीआई टैग किसी विशेष क्षेत्र से जुड़े उत्पाद को कानूनी मान्यता प्रदान करता है। इससे यह प्रमाणित होता है कि वह उत्पाद उसी क्षेत्र की विशेषता है। यदि अमृतसरी कुलचे को यह दर्जा मिल जाता है, तो इसकी असली पहचान सुरक्षित रहेगी। इसके साथ ही स्थानीय कुलचा निर्माताओं को भी बड़ा लाभ होगा। यह बाजार में नकली उत्पादों पर रोक लगाने में मदद करेगा और ग्राहकों के लिए असली अमृतसरी कुलचे की पहचान करना आसान होगा। इससे अमृतसर के खाद्य उद्योग को भी नई मजबूती मिलने की संभावना है।


आगे की प्रक्रिया के लिए समिति का गठन

इस पूरे अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कई संस्थाओं को एक साथ लाया जा रहा है। पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय का खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग, जिला प्रशासन और खाद्य प्रसंस्करण विभाग मिलकर काम करेंगे। एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य कुलचा निर्माताओं का संगठन तैयार करना होगा। यही संगठन बाद में जीआई टैग के लिए आधिकारिक आवेदन करेगा।