अमेरिका पर होर्मुज संकट का दबाव, ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को दी चेतावनी
होर्मुज संकट का बढ़ता दबाव
होर्मुज संकट: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका पर दबाव बढ़ता जा रहा है। कई देश अब अमेरिका से दूरी बनाने लगे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चारों ओर से घिरते नजर आ रहे हैं। अमेरिका के एक बड़े हिस्से ने इस संघर्ष का विरोध किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कठिन समय में अमेरिका को नाटो देशों से भी सहायता नहीं मिल रही है, जिसके चलते ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को चेतावनी देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नाटो समूह का भविष्य अनिश्चित है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से लाभ उठाने वाले देशों को इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि लाभ उठाने वाले देश सुनिश्चित करें कि वहां कोई समस्या न हो। ट्रंप ने चेतावनी दी, 'अगर कोई कुछ नहीं करता या मदद नहीं करता, तो यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि हमें यूक्रेन के मामले में उनकी मदद की आवश्यकता नहीं पड़ी। अब यह देखना होगा कि वे हमारी मदद करते हैं या नहीं, क्योंकि मैं लंबे समय से कहता आ रहा हूं कि हम उनके साथ खड़े रहेंगे, लेकिन वे हमारे साथ नहीं खड़े होंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए युद्धपोतों की तैनाती की मांग कर रहे हैं। हाल ही में मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'हम नाटो के लिए हमेशा तैयार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने में हमारी मदद करेगा।'