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अमेरिका में सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन, भारत सरकार से जवाबदेही की मांग

भारत की परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रही लड़ाई अब अमेरिका तक पहुंच गई है। पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में वाशिंगटन में प्रदर्शन हुआ, जिसमें दो प्रमुख एक्टिविस्ट समूहों ने भारत सरकार से जवाबदेही की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। इस दौरान, 'हिंदूज़ फ़ॉर ह्यूमन राइट्स' ने प्रधानमंत्री मोदी को एक खुला पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का आग्रह किया। जानें इस विरोध प्रदर्शन के पीछे की पूरी कहानी।
 

सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका में प्रदर्शन

भारत की परीक्षा प्रणाली और NEET में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रही लड़ाई अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। 28 जून से दिल्ली में आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में वाशिंगटन, अमेरिका में आवाज उठाई गई है। दो प्रमुख एक्टिविस्ट समूहों ने एकजुट होकर न केवल वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई, बल्कि भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की।


हिंदूज़ फ़ॉर ह्यूमन राइट्स और आज़ादी प्रोजेक्ट के सदस्य महात्मा गांधी की मूर्ति के पास भारतीय दूतावास के सामने इकट्ठा हुए। उन्होंने वांगचुक के समर्थन में प्लेकार्ड उठाए और भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन 'हिंदूज़ फ़ॉर ह्यूमन राइट्स' की उस सार्वजनिक अपील के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने भारत सरकार से वांगचुक और भूख हड़ताल पर बैठे अन्य प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का आग्रह किया था।


प्रधानमंत्री को लिखा गया खुला पत्र

इस हफ्ते की शुरुआत में, 'हिंदूज़ फ़ॉर ह्यूमन राइट्स' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र लिखा, जिसमें कहा गया कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से मिलकर उनके द्वारा उठाए गए परीक्षा और गवर्नेंस से संबंधित मुद्दों पर ठोस उत्तर देना चाहिए। संगठन की कार्यकारी निदेशक सुनीता विश्वनाथ ने एक बयान में कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए और उन कमियों का जवाब देना चाहिए जिनके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।


उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को उदासीनता के कारण किसी की जान जाने से पहले कार्रवाई करनी चाहिए। संगठन ने वांगचुक और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से अपनी सेहत और जीवन को प्राथमिकता देने की अपील की। इसमें कहा गया कि उनकी चिंताओं को भारत और दुनिया भर के लोगों ने सुना है, और उन्हें अपनी मांगों की गंभीरता दिखाने के लिए अपनी सेहत को दांव पर लगाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।


विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य

वाशिंगटन में हुए इस विरोध प्रदर्शन में वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही की मांग और प्रदर्शनकारियों के साथ तुरंत बातचीत करने की अपील शामिल थी। हिंदूज़ फ़ॉर ह्यूमन राइट्स और आज़ादी प्रोजेक्ट के सदस्य महात्मा गांधी की मूर्ति के पास इकट्ठा हुए और वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए।