अमेरिकी अदालत ने भारतीय CFO को रिश्वतखोरी के मामले में चार महीने की सजा सुनाई
अमेरिकी अदालत का निर्णय
वाशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, एक संघीय अदालत ने 'स्पाइनल इम्प्लांट' नामक कंपनी के भारतीय मूल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) आदित्य हुमाद को चार महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा सर्जन को फर्जी परामर्श शुल्क के माध्यम से रिश्वत देने के मामले में दी गई है, जिसके बदले में कंपनी के उत्पादों का उपयोग कराया गया।
41 वर्षीय हुमाद, जो कैम्ब्रिज में रहते हैं, को अपनी सजा पूरी करने के बाद एक वर्ष तक निगरानी में रहना होगा। इसके अलावा, उन्हें 9,500 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी भरना पड़ेगा। हुमाद ने पहले ही स्वास्थ्य सेवाओं में रिश्वतखोरी से संबंधित कानून के उल्लंघन की साजिश में अपनी गलती स्वीकार कर ली थी।
सितंबर 2021 में, हुमाद को 'स्पाइनफ्रंटियर' के संस्थापक और सीईओ किंग्सले आर. चिन के साथ इस मामले में आरोपी बनाया गया था। मैसाचुसेट्स डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने बताया कि हुमाद ने सर्जन को फर्जी परामर्श शुल्क के नाम पर 5.4 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की रिश्वत देने की योजना बनाई। इसके बदले में, उन्होंने सर्जन को 'स्पाइनफ्रंटियर' के उत्पादों का उपयोग करने के लिए मनाया, जिससे कंपनी को लाखों डॉलर का लाभ हुआ।