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अमेरिकी वित्त विभाग ने पत्रकारों को जी-20 बैठक से बाहर रखा

अमेरिकी वित्त विभाग ने जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में कुछ प्रमुख पत्रकारों को प्रवेश से रोक दिया है, जिससे मीडिया की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस निर्णय का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जबकि वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इसे किसी विचारधारा से जोड़ने से इनकार किया है। इस घटना ने अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है। जानें इस मामले में क्या हुआ और इसके पीछे के कारण।
 

पत्रकारों की पहुंच पर प्रतिबंध

अमेरिका के वित्त विभाग ने कुछ पत्रकारों को दुनिया के प्रमुख देशों की वित्तीय बैठक को कवर करने से रोक दिया है। यह घटना राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा मीडिया की पहुंच को सीमित करने का एक नया उदाहरण है। रिपोर्ट के अनुसार, 'द न्यूयॉर्क टाइम्स', 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' और 'ब्लूमबर्ग' के पत्रकारों को उत्तरी कैरोलाइना के एशविल में होने वाली जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक के लिए मान्यता नहीं दी गई।


फैसले का कोई स्पष्टीकरण नहीं

वित्त विभाग ने इस निर्णय का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। हालांकि, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक साक्षात्कार में कहा कि इसका किसी विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। जिन पत्रकारों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली, उनमें 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के एलन रैपेपोर्ट भी शामिल हैं, जो 2017 से ऐसी बैठकों को कवर कर रहे हैं।


अन्य पत्रकारों को मिली अनुमति

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के एक अन्य पत्रकार, जिम टैंकर्सली, को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है। अखबार ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी पत्रकारों को किसी कार्यक्रम में प्रवेश से वंचित करना प्रशासन द्वारा स्वतंत्र पत्रकारिता को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जी-20 के एजेंडे में ईरान में युद्ध, प्रतिबंध, बॉण्ड बाजार और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।


मीडिया की स्वतंत्रता पर खतरा

'ब्लूमबर्ग न्यूज' ने कहा कि पत्रकारों के प्रवेश पर रोक मीडिया की स्वतंत्रता और सार्वजनिक जवाबदेही को कमजोर करती है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बेसेंट जी-20 की इस बैठक की मेज़बानी कर रहे हैं, जो शनिवार से मंगलवार तक चलेगी।


अमेरिकी मीडिया और प्रशासन के बीच तनाव

इस बैठक में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जो कई बार अदालतों तक भी पहुंच चुका है। इस साल की शुरुआत में, पेंटागन ने घोषणा की थी कि उसका प्रेस कार्यालय अब गोपनीय क्षेत्र बन गया है, जहां पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।