अमेरिकी सैनिकों के लिए टेस्टोस्टेरोन स्क्रीनिंग की नई पहल
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सैनिकों के लिए टेस्टोस्टेरोन स्क्रीनिंग की नई पहल की घोषणा की है। यह पहल सैनिकों की स्वास्थ्य और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। स्क्रीनिंग कार्यक्रम में टेस्टोस्टेरोन के स्तर की जांच की जाएगी, जिससे सैनिकों की दीर्घकालिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकेगी। इसके अलावा, हेगसेथ ने सेना में फिटनेस के कड़े मानक लागू किए हैं। जानें इस पहल के पीछे का उद्देश्य और इसके संभावित प्रभाव।
Jul 16, 2026, 15:53 IST
नई स्वास्थ्य पहल की घोषणा
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल की शुरुआत की है, जिसमें 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सैनिकों की हर साल टेस्टोस्टेरोन स्क्रीनिंग की जाएगी। उनका कहना है कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सैनिक अपनी घातक क्षमता को बनाए रखें। रिपोर्ट के अनुसार, यह स्क्रीनिंग सेना की नियमित स्वास्थ्य जांच का हिस्सा होगी, जबकि 30 वर्ष से कम उम्र के सैनिकों को अपनी इच्छा से यह परीक्षण कराने का विकल्प दिया जाएगा।
हेगसेथ ने एक वीडियो संदेश में कहा कि हम अपने हथियारों और उपकरणों पर भारी निवेश करते हैं, लेकिन असली रणनीतिक लाभ हमेशा व्यक्तिगत सैनिकों में निहित होता है। इस वीडियो में उन्होंने इसे 'हाई-टी डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर' का नाम दिया।
सैनिकों की स्वास्थ्य और प्रदर्शन में सुधार
उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों की प्रदर्शन क्षमता, सहनशक्ति और दीर्घकालिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नए तरीके खोजने की आवश्यकता है। हेगसेथ ने बताया कि इस स्क्रीनिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सैनिकों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सही हो, ताकि वे अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। यह एक वैज्ञानिक तथ्य है कि उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन का स्तर अक्सर घटता है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिन सैनिकों को जांच के बाद उपचार की आवश्यकता होगी, उन्हें टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) का विकल्प दिया जाएगा। हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि यह पहल कृत्रिम क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि प्राकृतिक क्षमताओं को बहाल करने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए है।
फिटनेस के कड़े मानक
'द हिल' की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल ट्रंप प्रशासन के पारंपरिक मर्दानगी पर जोर देने के बीच शुरू की गई है। अप्रैल में, US फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की पहुंच को बढ़ाया। पहले यह सलाह मुख्य रूप से उन पुरुषों को दी जाती थी जिनमें टेस्टोस्टेरोन उत्पादन में बाधा डालने वाली कोई चिकित्सा समस्या थी।
हेगसेथ ने सेना में फिटनेस के कड़े मानक भी लागू किए हैं, जिसमें सभी कर्मियों को समान 'पुरुष मानक' को पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने सैनिकों के साथ वर्कआउट करके शारीरिक फिटनेस पर जोर दिया है। पिछले साल सितंबर में, उन्होंने कहा था कि वे अधिक वजन वाले सैनिकों या 'मोटे जनरलों और एडमिरलों' को नहीं देखना चाहते।
रिपोर्ट के अनुसार, 30 से 79 वर्ष की आयु के लगभग 5.6 प्रतिशत पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी होने का अनुमान है, जो मांसपेशियों में कमी, थकान, वजन बढ़ने और यौन समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा, यह मधुमेह, हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस और अवसाद जैसी बीमारियों से भी जुड़ा है।