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अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के करीब पहुंचने की कहानी साझा की

अशोक गहलोत ने हाल ही में एक बयान में कहा कि वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बेहद करीब थे, लेकिन एक सोची-समझी साजिश के कारण चूक गए। उन्होंने सोनिया गांधी के समर्थन और चुनाव की तैयारी के बारे में बताया। गहलोत ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर फैली गलतफहमियों का खंडन किया। उनका कहना है कि उस समय की असली सच्चाई आज भी जनता के सामने नहीं आई है।
 

कांग्रेस में अंदरूनी संघर्ष का नया मोड़


नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर से उजागर हुई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने उस ऐतिहासिक घटनाक्रम का जिक्र किया है जिसने कुछ साल पहले राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित किया। गहलोत ने कहा कि वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बेहद करीब थे, लेकिन एक सोची-समझी साजिश के कारण वे इस पद को नहीं संभाल सके।


सोनिया गांधी का समर्थन और चुनाव की तैयारी

गहलोत ने बताया कि जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद का चुनाव हो रहा था, तब पार्टी की तत्कालीन अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और आलाकमान ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपने का मन बना लिया था। उन्होंने कहा कि वे इस पद को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे, क्योंकि गांधी परिवार ने उन पर विश्वास जताया था।


पर्यवेक्षकों की एंट्री से बदला घटनाक्रम

गहलोत के अनुसार, जब उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय था, तभी अचानक केंद्रीय पर्यवेक्षकों को जयपुर भेजा गया। जैसे ही पर्यवेक्षक राज्य में पहुंचे, घटनाक्रम तेजी से बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश रची गई, जिससे राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया।


मुख्यमंत्री पद को लेकर गलतफहमी

गहलोत ने यह स्पष्ट किया कि यह धारणा गलत है कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ने के इच्छुक नहीं थे, इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से मना किया। उन्होंने कहा कि इस विवाद के बाद उनके बारे में गलत संदेश फैल गया, जिससे उनके समर्थक भी भ्रमित हो गए।


सच्चाई आज भी छिपी हुई है

गहलोत ने चिंता व्यक्त की कि उस समय जो कुछ हुआ, उसकी असली सच्चाई आज भी जनता के सामने नहीं आई है। वे लगातार अपने कार्यकर्ताओं को वास्तविकता समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ जो नैरेटिव तैयार किया गया है, उसे बदलना कठिन है। उन्होंने कहा कि वे किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि परिस्थितियों के कारण चूक गए।