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आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन से खुद को अलग किया

आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन से खुद को अलग करने का निर्णय लिया है, जैसा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने बताया। उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी गठबंधन के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करेगी। प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसका मुख्य उद्देश्य राजनीतिक ताकत बढ़ाना है, न कि देशहित को प्राथमिकता देना। इस बीच, उन्होंने युवाओं के मुद्दों पर कांग्रेस के रुख की आलोचना की और सहयोगी दलों के साथ कांग्रेस के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी का बड़ा निर्णय


नई दिल्ली: दिल्ली में 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक से पहले आम आदमी पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह अब इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस बात की पुष्टि की।


संजय सिंह ने रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चूंकि उनकी पार्टी अब गठबंधन में नहीं है, इसलिए वह इसके आंतरिक मामलों या बैठकों पर टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि केवल गठबंधन में शामिल दल ही भविष्य की रणनीतियों और योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे।


आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब भी कांग्रेस किसी राजनीतिक गठबंधन में शामिल होती है, उसका मुख्य उद्देश्य अपनी राजनीतिक ताकत को बढ़ाना होता है, न कि देश के हितों को प्राथमिकता देना।


युवाओं के मुद्दों पर उठाए सवाल

प्रियंका कक्कड़ ने यह भी कहा कि हाल के घटनाक्रमों में कांग्रेस का रुख युवाओं के हितों के अनुकूल नहीं दिखता। उनका कहना था कि जिस पार्टी की नीतियां युवाओं के खिलाफ हों, उसके साथ खड़ा होना कठिन है।


सहयोगी दलों के साथ संबंधों पर टिप्पणी

आप प्रवक्ता ने कांग्रेस के सहयोगी दलों के साथ व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल के साथ भरोसेमंद व्यवहार नहीं किया। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी कटाक्ष किया।