आयुष्मान भारत योजना: 10 लाख लाभार्थियों में से 8 लाख को मिले कार्ड
आयुष्मान भारत योजना का महत्व
जींद। एडीसी प्रदीप कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य योजना है, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान करती है। यह जानकारी उन्होंने मंगलवार को लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि यह योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को गंभीर बीमारियों के इलाज में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। हरियाणा सरकार द्वारा चिरायु योजना भी इसी दिशा में चलाई जा रही है, ताकि राज्य के अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
पात्रता और आयुष्मान कार्ड का वितरण
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में शेष बचे सभी पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। परिवार पहचान पत्र में जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक है, वे इस योजना के लिए पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों, सरपंचों और शहरी निकायों के पार्षदों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सभी अटल सेवा केंद्रों पर पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड तुरंत बनाए जाने चाहिए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। जिले में लगभग 10 लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 8 लाख के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं।
आयुष्मान भारत और चिरायु कार्ड योजना
एडीसी ने कहा कि आयुष्मान भारत और चिरायु कार्ड योजना सरकार की महत्वाकांक्षी पहल हैं। इनका लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को मिशन मोड में कार्य करना होगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जन जागरूकता बढ़ानी होगी।
बैठक में डीडीपीओ संदीप भारद्वाज, सीएमओ डा. सुमन कोहली, डिप्टी सीएमओ डा. पाले राम, डा. रवि राणा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।