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आरएसएस की शताब्दी: मोहन भागवत ने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ और आतंकवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया, जो भारत के विकास के लिए आवश्यक हैं। जानें इस कार्यक्रम में और क्या चर्चा हुई।
 

आरएसएस की शताब्दी समारोह


नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर दिल्ली में एक तीन दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का दूसरा दिन बुधवार को था, जहां संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।