इंदौर के छात्र की प्रेमानंद महाराज के प्रति दीवानगी ने किया लापता
इंदौर में लापता छात्र की कहानी
इंदौर: इंदौर के खजराना क्षेत्र से 13-14 वर्षीय छात्र रुद्र पांडेय चार दिनों तक लापता रहा। वह दसवीं कक्षा का छात्र है। पुलिस ने उसे उत्तराखंड के गुप्तकाशी से सुरक्षित बरामद कर लिया और उसके परिवार के पास पहुंचा दिया। रुद्र ने घर छोड़ने से पहले अपने माता-पिता के लिए एक भावुक पत्र लिखा था, जिसमें उसने बताया कि वह वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मिलने जा रहा है।
प्रेमानंद महाराज के प्रति छात्र की दीवानगी
पत्र में रुद्र ने लिखा, "मैं रुद्र पांडेय आपके चरणों में आ रहा हूं महाराज जी। मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। मम्मी-पापा, मुझे मत ढूंढना। आपके साथ मेरा जीवन पूरा हो गया है, अब मैं चलता हूं।" उसने अपने परिवार से कहा कि वे रोएं नहीं और गांव चले जाएं। रुद्र संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन, भजन और रील्स को देखकर काफी प्रभावित हुआ था। वह रोजाना घंटों उनकी बातें सुनता और आध्यात्मिक खोज में लगा रहता था। इसी प्रभाव में वह घर छोड़कर निकल पड़ा।
परिवार में हड़कंप मच गया
रुद्र ने जाते समय केवल 500 रुपये अपने साथ लिए थे और पत्र में लिखा कि ये रुपये उसका दोस्त माता-पिता को लौटा देगा। जब परिवार को पत्र मिला, तो हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत खजराना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का मामला भी दर्ज किया और जांच शुरू की। शुरुआत में शक था कि बच्चा वृंदावन की ओर गया होगा, इसलिए वहां भी तलाश की गई। जांच के दौरान रुद्र ने अपने पिता को फोन किया और आधार कार्ड की जरूरत बताई, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस की गई।
पुलिस ने छात्र को सुरक्षित लौटाया
इंदौर पुलिस ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग पुलिस की मदद से गुप्तकाशी में रुद्र को पाया। वह सुरक्षित था। पुलिस टीम ने उसे इंदौर लाकर रविवार को उसके माता-पिता को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह ठीक है और अब उसे काउंसलिंग दी जा रही है ताकि वह अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी सके और सोशल मीडिया के प्रभाव को समझ सके।