×

इंदौर में 40 करोड़ की सड़क टूटने से उठे सवाल, कांग्रेस ने किया सरकार पर हमला

इंदौर में एक नई पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान 40 करोड़ रुपये की सड़क अचानक टूट गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। CCTV फुटेज में पानी के दबाव से सड़क के फटने का दृश्य कैद हुआ है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, इसे 'करप्शन का मुजस्समा' करार दिया है। स्थानीय नेता उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
 

इंदौर में सड़क टूटने की घटना


इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक नई पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान एक सड़क अचानक धंस गई। यह घटना गोराकुंड चौराहे से लगभग 20 मीटर की दूरी पर हुई। यहां 24 घंटे पानी की सप्लाई के लिए पाइपलाइन की जांच चल रही थी, तभी सड़क के नीचे से पानी तेजी से बाहर आने लगा और सड़क का एक हिस्सा टूटकर खुल गया। इस घटना ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


CCTV फुटेज में दिखी घटना

घटना का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही पानी की सप्लाई शुरू होती है, सड़क की ऊपरी सतह दबाव के कारण फट जाती है। इसके बाद दरारों से पानी तेजी से बाहर निकलने लगता है। सड़क के अचानक धंसने के बाद वहां मौजूद वाहन और पैदल चलने वाले लोग तुरंत उस स्थान से दूर होते दिखाई देते हैं। इस घटना के बाद कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।


पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान सड़क का टूटना

जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार को गोराकुंड चौराहे के पास हुई। सड़क के बीच से नई पानी की लाइन डाली गई थी और उसकी टेस्टिंग की जा रही थी। जैसे ही पानी का दबाव बढ़ा, सड़क का एक हिस्सा अचानक टूट गया और वहां पानी निकलने लगा, जिससे बड़ा गड्ढा बन गया। इस घटना के वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर चर्चा तेज हो गई है।


सड़क निर्माण की लागत और गुणवत्ता

यह सड़क स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई थी। जानकारी के अनुसार, इसका निर्माण लगभग चार साल पहले हुआ था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोराकुंड क्षेत्र की यह सड़क तीन साल भी ठीक से नहीं टिक पाई और नगर निगम को कई बार उस पर डामर से पैचवर्क कराना पड़ा। अब पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान सड़क टूटने से सवाल और बढ़ गए हैं।


जांच की मांग और कांग्रेस का आरोप

इंदौर नगर निगम के सदस्य और सूचना समिति के प्रमुख राजेंद्र राठौर ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए गए कई कामों की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 1,000 करोड़ रुपये बताई गई है। राठौर के अनुसार, उन्होंने पहले भी तत्कालीन मेयर और नगर निगम कमिश्नर के सामने निर्माण की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया था।


कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला

सड़क टूटने की घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 40 करोड़ रुपये में बनी सड़क एक साल भी नहीं टिक पाई और अब बीच से फट गई। सिंघार ने इसे जनता की मेहनत की कमाई के इस्तेमाल से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगने की बात कही।


इंदौर में 40 करोड़ की सड़क, सिर्फ़ 1 साल में भाजपा सरकार के महा भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है!

जनता के करोड़ों रुपये से बनी सड़क एक साल भी नहीं टिक पाई और अब सड़क बीच से फट गई।

विडंबना देखिए यह हाल मुख्यमंत्री के प्रभारी जिले और नगरीय प्रशासन मंत्री के अपने शहर इंदौर का है।… pic.twitter.com/qDxhVz2fZ8

— Umang Singhar (@UmangSinghar) August 18, 2026



कांग्रेस का 'करप्शन का मुजस्समा' बयान

कांग्रेस ने सड़क टूटने का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। पार्टी ने दावा किया कि इंदौर की स्मार्ट सिटी में 40 करोड़ रुपये में बनी सड़क साल भर में ही फट गई। कांग्रेस ने भाजपा के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए इसे 'करप्शन का मुजस्समा' बताया। पार्टी के अनुसार, यह घटना सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।