इटली में महिला नेताओं की तस्वीरों से छेड़छाड़: सियासी साज़िश का खुलासा
इटली की सियासत में नया विवाद
International News: इटली की राजनीति में एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और अन्य महिला नेताओं की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इन तस्वीरों को अश्लील तरीके से संपादित कर एक पोर्न वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को देखकर लोग चौंक गए हैं। कई महिला नेताओं ने इसे एक सियासी साजिश बताया है।
फर्जी तस्वीरों का स्रोत
गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, Phica नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस घिनौने कृत्य में शामिल है। इस प्लेटफॉर्म पर सात हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिन्हें ये नकली तस्वीरें दिखाई जाती थीं। ये तस्वीरें रैलियों, टीवी इंटरव्यू और सार्वजनिक कार्यक्रमों से चुराई गई थीं और बाद में उन्हें अश्लील रूप में प्रस्तुत किया गया। इससे सियासी नेताओं की प्रतिष्ठा पर खतरा मंडरा गया है।
मेलोनी परिवार भी प्रभावित
इस साजिश का शिकार केवल जॉर्जिया मेलोनी नहीं हुईं, बल्कि उनकी बहन आरियाना की तस्वीरें भी इसी प्लेटफॉर्म पर साझा की गईं। इसके अलावा, प्रसिद्ध अभिनेत्री पाओला कोर्टेलेसी और इन्फ्लुएंसर शियारा फैराग्नी का नाम भी इस मामले में सामने आया है। इटली की प्रमुख हस्तियों का इस तरह अपमान होना पूरे देश में गुस्से की लहर पैदा कर रहा है।
पहली शिकायत से खुला मामला
फर्जी तस्वीरों का मामला तब उजागर हुआ जब पीडी पार्टी की नेता वेलेरिया कैंपाग्ना ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिसमें न केवल स्विमसूट वाली तस्वीरें शामिल हैं, बल्कि निजी तस्वीरें भी गलत तरीके से प्रस्तुत की गई हैं। उन्होंने इसे अपमान और महिलाओं की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
भद्दे कमेंट्स ने बढ़ाई नाराज़गी
इन तस्वीरों के नीचे अश्लील और हिंसक टिप्पणियाँ की गईं। कैंपाग्ना ने कहा कि यह केवल उनकी कहानी नहीं है, बल्कि हर महिला की है। महिलाओं का सम्मान और शांति से जीने का अधिकार छीन लिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चुप नहीं बैठेंगी और इस लड़ाई को अंत तक ले जाएंगी।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
पीडी की अन्य महिला नेता जैसे एलीशिया मोरानी, एलेसांड्रा मोरेटी और लिया क्वार्टापेले ने भी अपनी कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। उनका कहना है कि यह हरकत किसी भी लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकती। महिला नेताओं के खिलाफ ऐसी गतिविधियाँ लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने वाली हैं। उन्होंने इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सामाजिक चर्चा का विषय
यह स्कैंडल अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इटली की संसद और आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर महिला नेताओं की इज़्ज़त को इतनी आसानी से क्यों ठेस पहुँचाई जाती है। कानूनी संस्थाओं पर दबाव है कि जल्दी से जल्दी अपराधियों को सजा दी जाए ताकि महिलाओं की सुरक्षा और राजनीतिक मर्यादा बनी रहे।