इराक में अमेरिकी दूतावास पर हमले की जिम्मेदारी ईरान से जुड़े मिलिशिया ने ली
हमले में कोई जानी नुकसान नहीं
बगदाद : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के जवाब में, ईरान ने इजरायल और उन खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने स्थित हैं। हाल ही में इराक में अमेरिकी दूतावास पर एक हमला हुआ, जिसमें सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। इस हमले की जिम्मेदारी ईरान से जुड़े एक मिलिशिया समूह ने ली है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने इस हमले को आतंकवादी कार्रवाई करार दिया और इराक की सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने दूतावास और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा। बगदाद में अमेरिकी दूतावास और अर्बिल में कांसुलेट जनरल पहले भी कई बार हमलों का शिकार हो चुके हैं।
ट्रंप का बड़ा दावा
इस बीच, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक न्यूज चैनल को बताया कि अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को हथियार भेजे थे, जो संभवतः कुर्दों के पास रह गए। ट्रंप का यह बयान ईरान के खिलाफ अमेरिका की नई चेतावनी को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति के चलते विश्व को सैन्य और राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने संवाददाता से कहा कि अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को कई हथियार भेजे थे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर हमले कर 45000 लोगों की हत्या की। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अमेरिका मंगलवार को ईरान के बिजली घरों और पुलों पर कार्रवाई करेगा।