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ईरान-इजराइल संघर्ष: नई मिसाइलों से हुआ बड़ा हमला

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष ने एक नया मोड़ ले लिया है। ईरान ने इजराइल पर एक भीषण हमला किया, जिसमें नई बैलेस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया गया। इस हमले के बाद इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई की है। जानिए इस जंग के पीछे की कहानी और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं।
 

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मिडिल ईस्ट का संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से पीछे हटना मुश्किल प्रतीत होता है। रविवार की रात, ईरान ने इजराइल पर एक भयंकर हमला किया, जिसमें तेल अवीव के आसमान में 10 शक्तिशाली धमाके सुनाई दिए। इस बार की स्थिति अलग है, क्योंकि इजराइल में हुई तबाही की तस्वीरें तेजी से फैल रही हैं। ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इजराइल की रक्षा प्रणाली को चुनौती दी, जिससे एक ऐसा दृश्य उत्पन्न हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। इजराइली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान ने नई और अत्याधुनिक बैलेस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया। आईडीएफ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादौसानी ने भले ही कहा कि इजराइल की सैन्य क्षमता में कमी आई है, लेकिन तेल अवीव की सड़कों पर बिखरे मलबे और जलती इमारतों की तस्वीरें उनके दावों को संदिग्ध बनाती हैं।


ईरान का आक्रमण और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

हालांकि आसमान में इंटरसेप्टर सिस्टम सक्रिय थे, लेकिन ईरानी मिसाइलों की संख्या इतनी अधिक थी कि इजराइल का सुरक्षा कवच भी इस बार असहाय नजर आया। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजिश्कियान के माफीनामे के केवल 24 घंटे बाद ही पूरा क्षेत्र युद्ध के हालात में पहुंच गया। कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन भंडारण क्षेत्र पर ड्रोन से हमला किया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। सऊदी अरब ने 21 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि यूएई ने भी उच्च सतर्कता की स्थिति घोषित की है। यह स्पष्ट है कि ईरान अब निर्णायक कार्रवाई के मूड में है और क्षेत्र में फैले अमेरिकी और इजरायली हितों को निशाना बना रहा है। ईरान ने इजराइल के साथ-साथ बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी अपने हमलों का लक्ष्य बनाया। आईआरजीसी ने इसे अपने जल शोधन संयंत्र पर हुए हमले का प्रतिशोध बताया।


इजराइल का जवाबी हमला

इस बीच, इजराइल ने ईरान के तेहरान और अल्बोर्ज प्रांत में पांच प्रमुख तेल केंद्रों को नष्ट कर दिया, जिसमें चार टैंकर चालक मारे गए। इन हमलों के बाद, तेहरान का आसमान काले धुएं से ढक गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि उन्हें ईरान से बिना शर्त समर्पण के अलावा कुछ भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मिनाब स्कूल हमले को ईरान की एक बड़ी गलती बताया।