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उत्तर कोरिया और चीन के बीच उड़ान सेवाओं की बहाली: एक नई शुरुआत

चीन की एयर चाइना ने बीजिंग और प्योंगयांग के बीच उड़ानें फिर से शुरू की हैं, जो लगभग 6 वर्षों के बाद हो रही है। यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार का संकेत है। कोविड-19 के कारण बंद हुई सेवाओं के फिर से शुरू होने से पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, चीन और उत्तर कोरिया के बीच मिसाइल परीक्षणों को लेकर तनाव भी बना हुआ है। जानें इस महत्वपूर्ण विकास के बारे में अधिक जानकारी।
 

बीजिंग और प्योंगयांग के बीच उड़ानें फिर से शुरू

डिजिटल डेस्क।  चीन की प्रमुख एयरलाइन, एयर चाइना ने सोमवार को बीजिंग और उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। यह सेवा लगभग 6 वर्षों के बाद शुरू हुई है और इसे दोनों देशों के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस उड़ान का स्वागत उत्तर कोरिया में चीन के राजदूत वांग याजुन और अन्य अधिकारियों ने किया। इससे पहले, 12 मार्च को दोनों देशों के बीच यात्री ट्रेन सेवा भी बहाल की गई थी।


कोविड-19 के कारण सेवाएं बंद थीं

साल 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाएं बंद कर दी थीं, जिसके चलते उड़ान और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से रुक गई थीं। हालांकि, एयर कोरियो ने 2023 में सीमित उड़ानें शुरू कीं, लेकिन अब जाकर पूरी सेवाएं फिर से बहाल हो रही हैं। महामारी के दौरान विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई थी। अब धीरे-धीरे इन पाबंदियों में ढील दी जा रही है, और 2024 में एक रूसी टूर ग्रुप को भी देश में प्रवेश की अनुमति दी गई है।


चीनी पर्यटकों की वापसी का महत्व

कोविड से पहले, उत्तर कोरिया में आने वाले लगभग 90% पर्यटक चीन से होते थे। ऐसे में इन सेवाओं के फिर से शुरू होने से पर्यटन और व्यापार को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


चीन और उत्तर कोरिया के बीच तनाव

चीन, उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन मिसाइल परीक्षणों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। चीन ने कई बार इन परीक्षणों पर चिंता व्यक्त की है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने सितंबर में बीजिंग में एक बड़े सैन्य कार्यक्रम में भाग लिया था। यह दशकों में पहली बार था जब कोई उत्तर कोरियाई नेता चीन की सैन्य परेड में शामिल हुआ। कुल मिलाकर, 6 साल बाद उड़ान सेवाओं की वापसी को दोनों देशों के बीच संबंधों के सामान्य होने और सहयोग बढ़ने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।