उत्तर प्रदेश में 15 IPS अधिकारियों का तबादला, लखनऊ और प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर में बदलाव
प्रशासनिक फेरबदल की वजह
नई दिल्ली. हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों द्वारा पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया गया, जिसका प्रभाव पूरे देश में देखा गया। इस आंदोलन के समाप्त होने के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 15 IPS अधिकारियों का तबादला किया। इस फेरबदल में दो DG, छह ADG, पांच IG और दो SP रैंक के अधिकारी शामिल हैं। लखनऊ और प्रयागराज के पुलिस कमिश्नरों के पद पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
लखनऊ और प्रयागराज के नए पुलिस कमिश्नर
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर को DG (इंटेलिजेंस) के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह ADG (सिक्योरिटी) तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। वाराणसी जोन के ADG पीयूष मोरडिया को प्रयागराज का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। पूर्व प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार को मुरादाबाद स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल का IG बनाया गया है।
मुख्यमंत्री की नाराजगी का असर
सूत्रों के अनुसार, 25 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज थे। इसी कारण यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है।
तरुण गाबा की प्रोफाइल
तरुण गाबा 2001 बैच के IPS अधिकारी हैं। चंडीगढ़ के निवासी गाबा ने अपने करियर की शुरुआत सेंट्रल डेपुटेशन पर की थी। 2020 में यूपी कैडर में लौटने के बाद, उन्होंने CBI में काम किया और राकेश अस्थाना से जुड़ी जांच का नेतृत्व किया। उन्होंने IG (विजिलेंस) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
अन्य अधिकारियों की नई जिम्मेदारियाँ
1995 बैच के IPS अधिकारी मुथा अशोक जैन को DG (फायर सर्विसेज) बनाया गया है। 1995 बैच के अमरेंद्र कुमार सेंगर को लखनऊ पुलिस कमिश्नर से हटाकर DG (इंटेलिजेंस) बनाया गया है। 1997 बैच के नवीन अरोड़ा को वाराणसी जोन का एडीजी नियुक्त किया गया है। 1998 बैच के पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
भगवान स्वरूप श्रीवास्तव का तबादला
भगवान स्वरूप श्रीवास्तव, जो लंबे समय से एडीजी (इंटेलिजेंस) के पद पर थे, को एडीजी (टेक्निकल सर्विसेज) बनाया गया है। छात्र आंदोलनों के दौरान खुफिया तंत्र से समय पर जानकारी न मिलने के कारण सरकार असंतुष्ट थी।