उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट: लखनऊ और 11 जिलों में स्थिति गंभीर
बाढ़ की स्थिति में सुधार नहीं
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बारिश रुकने के बावजूद बाढ़ की समस्या बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई वर्षा और बांधों से छोड़े गए पानी का प्रभाव अब मैदानी जिलों में महसूस किया जा रहा है। लखनऊ, सीतापुर सहित 11 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर है और 10 नदियां उफान पर हैं। राजधानी में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में स्थिति अत्यंत खराब हो गई है।
फैजुल्लागंज में बाढ़ का कहर
फैजुल्लागंज में 4-5 फीट पानी, लोग घर छोड़ने को मजबूर
लखनऊ का फैजुल्लागंज बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है। यहां लगभग 40,000 घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लगभग 3 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। कई स्थानों पर नावों के माध्यम से लोगों को निकाला जा रहा है।
गोमती का पानी धार्मिक स्थलों तक पहुंचा
मंदिरों तक पहुंचा गोमती का पानी
गोमती का बढ़ता जलस्तर अब शहर के धार्मिक स्थलों तक पहुंच गया है। हनुमंत धाम और लेटे हुए हनुमान मंदिर परिसर में पानी भर गया है। बीकेटी क्षेत्र में चंद्रिका देवी मंदिर तक जाने वाली सड़क और सीढ़ियों के आसपास भी जलभराव हो गया है। गोमती रिवर फ्रंट भी प्रभावित है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
लखनऊ में बाढ़ की स्थिति को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जलभराव के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहर के अन्य हिस्सों में पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, तो आम लोगों की समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रशासन की स्थिति
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्य जारी है। अधिकारियों ने कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है और टीमों को मौके पर बने रहने के निर्देश दिए हैं।
अखिलेश यादव का ट्वीट
मुख्यमंत्री जी की निकासी का समय आ गया लेकिन लखनऊ में अपने घर के पास ही के क्षेत्र में जलभराव की निकासी नहीं कर पाये।
जिन्होंने कभी घर बनाया-बसाया हो वो ही परिवार के लिए घर का महत्व समझ सकते हैं। https://t.co/6dpqncQFkY
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 5, 2026