उत्तर भारत में तापमान में वृद्धि: मौसम की ताजा जानकारी
उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि
उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में दिन और रात के तापमान में वृद्धि
नई दिल्ली से मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार, इस वर्ष की सर्दी समाप्ति की ओर है और गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। इस कारण, पहाड़ों से लेकर मैदानों तक तापमान में वृद्धि हो रही है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की ऊंची चोटियों पर बारिश और हल्की बर्फबारी जारी है, जबकि इन राज्यों के मैदानी क्षेत्रों में ठंड कम हो रही है। पंजाब, हरियाणा, और दिल्ली सहित अन्य मैदानी राज्यों में तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है। मौसम विभाग ने बताया है कि इन क्षेत्रों में मौसमी बदलाव की कोई संभावना नहीं है और आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होगी।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश में रविवार को 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे समेत ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ। कुल्लू के निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। सोमवार को भी प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की वर्षा या हिमपात की संभावना है। इसके बाद 28 फरवरी तक अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। रविवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
राजस्थान में मौसम
राजस्थान में मौसम शुष्क बना हुआ है, जिससे अधिकतम तापमान में वृद्धि हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि की संभावना जताई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में इस सप्ताह मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि 23 और 24 फरवरी को राज्य के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में आंशिक बादल छा सकते हैं। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।
जम्मू-कश्मीर में तापमान
जम्मू-कश्मीर में गर्मी बढ़ रही है। रविवार को श्रीनगर में अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9.7 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक है।
फसलों पर प्रभाव
मैदानी राज्यों, विशेषकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में, दिन के समय तापमान का 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना गेहूं की फसल के लिए हानिकारक है। गेहूं यहां की प्रमुख फसल है, और अधिक गर्मी से गेहूं का दाना सिकुड़ जाता है, जिससे उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।