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उत्तर भारत में बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित

उत्तर भारत में बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उत्तराखंड के केदारनाथ में भूस्खलन हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार में कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। ओडिशा में भी भारी बारिश हुई है। जानें इन राज्यों की स्थिति और राहत कार्यों के बारे में।
 

उत्तर भारत में बाढ़ की स्थिति


नई दिल्ली। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को प्रभावित किया है। उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार को बादल फटने से भूस्खलन हुआ, जिसके कारण पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण गंगा और यमुना सहित 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं, जिससे 26 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इस बाढ़ से पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मिर्जापुर में एक पुल डूब गया है और फर्रुखाबाद में हाईवे भी जलमग्न हो गया है।


बिहार में भी स्थिति गंभीर है, जहां आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे 15 जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे लगभग 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 30 हजार लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। गंगा और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कटाव और तटबंध टूटने की घटनाएं बढ़ रही हैं।


पूर्वी भारत में ओडिशा में भी बारिश हुई है। भुवनेश्वर में बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिणी और पश्चिमी ओडिशा में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के छह जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। कालाहांडी जिले के गोलामुंडा में सबसे अधिक 16 सेंटीमीटर बारिश हुई।


मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसूनी सिस्टम फिर से सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश शुरू हो गई है, जबकि दमोह में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है और कई कॉलोनियों में पानी भर गया है।