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उत्तर भारत में मौसम में बदलाव: बारिश और बर्फबारी की संभावना

उत्तर भारत में मौसम में बदलाव आ रहा है, जिसमें बारिश और बर्फबारी की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव की जानकारी दी है। जम्मू-कश्मीर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भी बर्फबारी हो रही है। जानें और क्या हो रहा है और किन क्षेत्रों में मौसम ने करवट बदली है।
 

मौसम में बदलाव की जानकारी


पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव


मार्च की शुरुआत में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही थी, जिससे गर्मी का अहसास होने लगा था। लेकिन 14 मार्च से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तर भारत के मौसम को पूरी तरह से बदल दिया। इसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस बदलाव ने तापमान को कम किया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।


भारतीय मौसम विभाग ने एक नए पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की सूचना दी है। इसके अनुसार, 18 से 20 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और आस-पास के मैदानी इलाकों में बारिश और तूफानी हवाओं के साथ ओले गिरने की संभावना है। रविवार से सोमवार सुबह तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और झारखंड में ओलावृष्टि की घटनाएं हुईं।


किश्तवाड़ में बचाव कार्य

किश्तवाड़ में फंसे लोगों का सुरक्षित निकाला जाना


जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी में फंसे 235 लोगों और 38 गाड़ियों को सेना ने सुरक्षित निकाला। व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने फंसे हुए लोगों को गर्म भोजन, पीने का पानी और आश्रय प्रदान किया। वहीं, डांगदुरु में भूस्खलन के कारण लापता व्यक्ति का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।


उत्तराखंड के सीमांत जनपदों में मौसम ने फिर से करवट बदली है। ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात हुआ है, जबकि निचले इलाकों में बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। मुनस्यारी के खलिया टॉप, पंचाचूली, हंसलिंग, नाग्निधुरा और छिपलाकेदार की पहाड़ियों पर बर्फ की चादर बिछ गई है।


मनाली-लेह मार्ग पर स्थिति

मनाली-लेह मार्ग पर वाहनों का निकाला जाना


हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मनाली-लेह मार्ग पर 1,500 वाहनों में फंसे 10,000 सैलानियों और स्थानीय लोगों को रोहतांग टनल के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया। रविवार की रात ठंड के बीच लोगों को गाड़ियों में रहना पड़ा। सोमवार को मौसम खुलने पर सभी को सुरक्षित रवाना किया गया।


मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन तक पर्यटकों को पहाड़ी राज्यों की यात्रा करने से पहले मौसम की स्थिति की जांच करने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में ऊंचे पर्वतों पर बर्फबारी के कारण मार्ग फिर से अवरुद्ध हो सकते हैं।