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उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, हाईवे बंद

उत्तराखंड में मानसून के आगमन के साथ भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भूस्खलन के कारण कई सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है, और बदरीनाथ हाईवे 11 घंटे तक बंद रहा। मौसम विभाग ने नैनीताल और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में भी बारिश से तबाही मची है, जहां कई लोगों की जान गई है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

बारिश और भूस्खलन से सड़कों पर असर


बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कों का बंद होना


Uttarakhand Weather Update, देहरादून : मानसून के आगमन के साथ ही उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। उत्तराखंड में भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। मलबा सड़कों पर गिरने से यातायात बाधित हुआ है और कई घरों में भी मलबा घुस गया है। भारतीय मौसम विभाग ने आज (3 जुलाई) नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.


बदरीनाथ हाईवे पर यातायात बाधित

खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे 11 घंटे तक बंद रहा, जिससे आठ हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, आज का तापमान 20 से 26 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, और गरज-चमक के साथ बादल छाए रहेंगे। नैनीताल और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।


इसके अलावा, मौसम विभाग ने 4 और 5 जुलाई को भी पूरे उत्तराखंड में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और रास्तों के अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है। यात्रा पर जाने से पहले उत्तराखंड पुलिस या राज्य प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी और रूट अपडेट की जांच करना आवश्यक है।


हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का कहर

हिमाचल प्रदेश में भी मानसून के आगमन के साथ भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले 24 घंटों में बारिश से संबंधित घटनाओं में राज्य में 9 लोगों की जान चली गई है और लगभग 50 सड़कों को बंद कर दिया गया है। शिमला, कांगड़ा, चंबा और लाहौल-स्पीति में विभिन्न हादसों में 4 लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।