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एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी 2026 पेपर लीक पर जवाब प्रस्तुत किया

एनटीए ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया है। एजेंसी ने परीक्षा की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाने की बात कही है। एनटीए ने बताया कि उच्च स्तर की परीक्षाओं में रैंडमाइजेशन और रोटेशन नीति लागू की जा रही है। इसके अलावा, एआई-आधारित उपकरणों का उपयोग कर मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जाएगा। एनटीए ने 1,000 सुरक्षित परीक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना भी साझा की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें एनटीए से जवाब मांगा गया था।
 

पेपर लीक मामले में एनटीए की कार्रवाई


एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया है। एजेंसी ने अदालत को सूचित किया कि परीक्षा की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं और भविष्य में भी सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा।


एनटीए ने अपने हलफनामे में बताया कि उच्च स्तर की परीक्षाओं में पेपर सेटर्स, मॉडरेटर, अनुवादक और प्रूफरीडर के चयन के लिए रैंडमाइजेशन और रोटेशन नीति को लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही, परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच के लिए सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और सुरक्षा जोखिमों को घटाने के लिए, एनटीए अब अनुवाद कार्य के 85 प्रतिशत हिस्से में एआई-आधारित उपकरणों का उपयोग करेगी। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुरक्षित होगी।


एनटीए ने अदालत को बताया कि परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए देशभर में कम से कम 1,000 अत्याधुनिक सुरक्षित परीक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों में क्लाउड-आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर, एआई-एमएल और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। पूरी योजना और कार्यान्वयन प्रक्रिया की निगरानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ की जाएगी।


तकनीकी मजबूती के लिए, सभी परीक्षा केंद्रों पर एआई-सक्षम रियल-टाइम सीसीटीवी निगरानी लागू की जा रही है। उन्नत साइबर सुरक्षा प्रणाली और अगली पीढ़ी की फायरवॉल स्थापित की गई हैं। परीक्षा वितरण और परिणाम प्रक्रिया के लिए आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से अपग्रेड किया गया है।


एनटीए का कहना है कि इन सभी उपायों से पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया कि परीक्षाओं की पवित्रता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


नीट यूजी 2026 में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद देशभर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा को रद्द करना पड़ा। अब 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित करने की योजना है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें एनटीए से जवाब मांगा गया था।