एफएसएसएआई ने भ्रामक दावों के लिए 14 कंपनियों को नोटिस जारी किया
भ्रामक दावों के खिलाफ एफएसएसएआई की कार्रवाई
नई दिल्ली - भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को उन खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों (एफबीओ) को नोटिस जारी किए हैं, जो अपने उत्पादों के संबंध में भ्रामक दावे, ब्रांडिंग और लेबलिंग कर रहे थे। यह कार्रवाई ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर की गई है।
एफएसएसएआई ने एफबीओ को सुधारात्मक उपाय करने के लिए निर्देश भी दिए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में, एफएसएसएआई ने बताया कि ये नोटिस 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के नियमों के तहत जारी किए गए थे। ये नोटिस भ्रामक ब्रांड नामों, ट्रेड नामों, उत्पाद के दावों और लेबलिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन से संबंधित हैं।
नियामक के अनुसार, कई खाद्य व्यवसायों को नोटिस भेजे गए हैं। इन पर ऐसे दावे करने का आरोप है जो 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018' का उल्लंघन करते हैं या जो ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं। जिन कंपनियों पर सवाल उठाए गए, उनमें 'प्लक्क' भी शामिल है। कंपनी के आम के जूस पर 'नौ एडेड शुगर' का दावा किया गया था, लेकिन जांच में यह पाया गया कि सामग्री की सूची में आम का गूदा और गन्ने का रस शामिल था। इस दावे से उत्पाद में मौजूद चीनी की मात्रा को लेकर गलतफहमी हो सकती थी।
इसके अलावा, पनीर के एक उत्पाद पर 'नेचुरल पनीर' शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए हैं। नियामक का कहना है कि यह जानकारी मिश्रित खाद्य पदार्थों के लिए 'नेचुरल' शब्द के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करती है।
अन्य कंपनियों को नोटिस में 'सिल्कन टोफू' उत्पाद के दावों के लिए 'गौर हेल्दी फूड'; '100 परसेंट नेचुरल', 'फ्रेशली मेड' जैसे दावों और 'ऑर्गेनिक आटा' के लिए 'मास्टरचाउ फूड्स प्राइवेट लिमिटेड'; 'किंडर जॉय-कोटेड वेफर बिस्किट' पर 'रिच इन मिल्क सॉलिड्स' (दूध के ठोस पदार्थों से भरपूर) दावे के लिए 'फेरेरो इंडिया'; और 'सैफोला टोटल हार्ट प्रो' कुकिंग ऑयल से जुड़े ब्रांडिंग और हेल्थ से संबंधित दावों के लिए 'मैरिको लिमिटेड' शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, एफएसएसएआई ने मेडिजेन लैब्स, नेक्सा इंडस्ट्रीज, रॉ प्रेसरी, न्यूट्रास्युटिकल के 'इंसिप्रो गोल्ड पाउडर वनीला' उत्पाद और कोरियाई जिनसेंग न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद के दावों पर भी सवाल उठाए। सरकारी एजेंसी का कहना है कि हेल्थ और परफॉर्मेंस से जुड़े कई दावों के लिए वैज्ञानिक सबूतों की आवश्यकता थी या वे मौजूदा नियमों के तहत मंजूर नहीं थे।
इसके अलावा, बीकानेरवाला और परम डेयरी लिमिटेड को भी नोटिस जारी किए गए हैं। बीकानेरवाला को हाइजीन से जुड़ी चिंताओं के कारण नोटिस भेजा गया। एक शिकायत में कहा गया था कि काम के घंटों के दौरान एक स्टाफ सदस्य सर्विस या किचन एरिया में खाना खा रहा था। कंपनी से कहा गया है कि वह अपनी जांच, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और शिकायत के जवाब में उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी दे।
वहीं, परम डेयरी लिमिटेड को आईआरसीटीसी कैटरिंग सर्विस के जरिए सप्लाई किए गए डेयरी-बेस्ड उत्पादों (दही और रबड़ी) में फंगस के संक्रमण के आरोपों पर नोटिस जारी किया गया। कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह सप्लाई किए गए उत्पादों, इन्वेंट्री प्रबंधन के तरीकों, उठाए गए सुधारात्मक कदमों और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए अपनाए गए उपायों की जानकारी दे। एफएसएसएआई ने कहा कि सभी संबंधित खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों को उचित सुधारात्मक कदम उठाने और लागू खाद्य सुरक्षा, विज्ञापन और लेबलिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया गया है।