एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने दिया इस्तीफा, नई चुनौतियों का सामना
कैम्पबेल विल्सन का इस्तीफा
नई दिल्ली : एयर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब एयरलाइन वित्तीय दबाव में है और हाल के वर्षों में सुरक्षा से संबंधित मुद्दों के कारण नियामकीय जांच का सामना कर रही है।
नए सीईओ की तलाश
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विल्सन के इस्तीफे के बाद एयर इंडिया का बोर्ड नए सीईओ की खोज में तेजी लाएगा। इसे एयरलाइन के पुनर्गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैम्पबेल विल्सन का कार्यकाल
कैम्पबेल विल्सन, जो न्यूजीलैंड में जन्मे हैं, को 2022 में सिंगापुर एयरलाइंस से एयर इंडिया लाया गया था। टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद उन्हें कंपनी के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही इस्तीफा देने का निर्णय लिया। वह अब छह महीने के नोटिस पीरियड के दौरान कंपनी के साथ जुड़े रहेंगे।
एयर इंडिया की चुनौतियाँ
पिछले वर्ष जून में अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान के टेकऑफ के तुरंत बाद हुए विमान हादसे के बाद से कंपनी और उसके नेतृत्व पर सवाल उठ रहे थे। इस दुर्घटना में कई लोगों की जान गई थी।
एयर इंडिया वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें विमानों की डिलीवरी में देरी, सुरक्षा मानकों को लेकर उठते सवाल और लगातार हो रहा वित्तीय नुकसान शामिल हैं। नियामक संस्थाओं ने भी एयरलाइन की परिचालन प्रक्रियाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ऐसे में, नए नेतृत्व की नियुक्ति को एयर इंडिया के भविष्य और उसके सुधार प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।