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एलपीजी संकट: भारतीयों ने सीखा ईंधन के पारंपरिक विकल्पों का महत्व

हाल ही में एलपीजी की कमी ने भारतीयों को पारंपरिक ईंधनों की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया है। मार्च में एलपीजी की खपत में 13 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे लकड़ी और कोयले जैसे विकल्पों का उपयोग बढ़ा। इस संकट के पीछे के कारणों और सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में जानें।
 

एलपीजी के उपयोग में कमी और पारंपरिक ईंधनों की वापसी


मार्च में एलपीजी की खपत में 13 प्रतिशत की कमी आई


जब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए, तो ईरान ने तुरंत जवाब दिया। इस दौरान, ईरान ने मार्च के पहले सप्ताह में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जिससे कई देशों में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कमी हो गई।


हालांकि भारत ने इस संकट का सामना करते हुए अन्य विकल्पों को अपनाया, लेकिन कई लोगों को एलपीजी की कमी का सामना करना पड़ा। इस कारण, लोगों ने लकड़ी, कोयला और उपलों जैसे पारंपरिक ईंधनों का उपयोग करना शुरू कर दिया, जिससे मार्च में एलपीजी के उपयोग में भारी गिरावट आई।


मार्च में एलपीजी उपयोग का आंकड़ा

भारत में रसोई गैस की खपत में मार्च के दौरान उल्लेखनीय गिरावट आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एलपीजी की खपत 13 प्रतिशत घटकर 2.379 मिलियन टन रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2.729 मिलियन टन थी। यह कमी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और सप्लाई में बाधा के कारण हुई है।


भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसमें से अधिकांश सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। लेकिन इस क्षेत्र में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है।


रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आने वाली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे सरकार को होटल और उद्योगों को गैस की आपूर्ति कम करनी पड़ी ताकि घरेलू रसोई गैस सुरक्षित रहे।


सरकार का घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान

इस स्थिति में, यह समझना महत्वपूर्ण है कि भारत सरकार का सप्लाई के प्रति क्या दृष्टिकोण है। सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई सामान्य रही, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि खपत में कमी आई है।


इस कमी को पूरा करने के लिए, सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन कम करके एलपीजी उत्पादन बढ़ाएं। इसके परिणामस्वरूप, घरेलू उत्पादन 1.4 मिलियन टन हो गया, जो पिछले वर्ष 1.1 मिलियन टन था।