ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध: पहली बैठक का आयोजन
ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध की पहली बैठक
ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध की पहली बैठक: हाल ही में एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून पारित किया गया है, जिसके तहत पैसे से जुड़े सभी गेम्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस संदर्भ में, आज फाइनेंशियल सर्विसेज और आईटी मंत्रालय के उच्च अधिकारियों की बैठक 29 अगस्त को बैंकों और फिनटेक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ होने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक नए कानून के कार्यान्वयन की योजना पर केंद्रित होगी।
इस चर्चा में बैन किए गए गेम्स में पैसे के प्रवाह को रोकने, बैंकों और कंपनियों द्वारा एंटी मनी लॉन्ड्रिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने और गेमिंग वॉलेट से खिलाड़ियों को धन वापस करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। यह बैठक कानून पारित होने के बाद पहली बार आयोजित की जा रही है।
सरकार का समर्थन
सरकार किन गेम्स को समर्थन देना चाहती है:
सरकार ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को समर्थन देने की योजना बना रही है, जिनमें असली पैसे का उपयोग नहीं होता है। बैठक में यह चर्चा की जाएगी कि बैंक और फिनटेक कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने में कैसे मदद कर सकती हैं। इसके अलावा, धन-आधारित खेलों से संबंधित लेनदेन को रोकने, जमा राशि को रोकने और गेमिंग वॉलेट से रिफंड की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करने के नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
ऑनलाइन गेमिंग कानून का विवरण
ऑनलाइन गेमिंग कानून क्या है:
यह कानून भारत में सभी रियल मनी आधारित गेमिंग सेवाओं पर प्रतिबंध लगाता है। इसमें ऐसे गेम्स की पेशकश, प्रचार या विज्ञापन शामिल हैं। बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इन प्लेटफार्मों के लिए भुगतान संसाधित करने से भी रोक दिया गया है। सरकार सुरक्षित और स्वस्थ गेमिंग वातावरण बनाने के लिए इस तरह के गेम्स को समाप्त कर रही है और बिना पैसे वाले गेम्स को बढ़ावा दे रही है।