कनाडा का नया अंतरराष्ट्रीय सहयोग मॉडल: जेमी डिमन की आलोचना
कनाडा का नया प्रस्ताव
ओटावा/न्यूयॉर्क: वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्यों में बदलाव के बीच, कनाडा एक नए अंतरराष्ट्रीय सहयोग ढांचे पर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मध्यम ताकत वाले देशों के बीच एक मजबूत गठबंधन बनाने का सुझाव दिया है, जिसका उद्देश्य व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज, आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। यह गठबंधन वैश्विक शक्तियों के प्रभाव को संतुलित करने में मदद करेगा।
जेमी डिमन की चिंताएँ
हालांकि, जेपी मॉर्गन के CEO जेमी डिमन ने इस प्रस्ताव पर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि केवल देशों का एकजुट होना किसी क्षेत्र या देश को आर्थिक रूप से मजबूत नहीं बना सकता। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था की सफलता निवेश-अनुकूल नीतियों, प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल और आर्थिक सुधारों पर निर्भर करती है।
दावोस में उठाया गया मुद्दा
मार्क कार्नी ने इस वर्ष दावोस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि व्यापारिक तनाव, टैरिफ और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के चलते मध्यम ताकत वाले देशों को एकजुट होना चाहिए। उनका मानना है कि ऐसा गठबंधन छोटे और मध्यम देशों को वैश्विक स्तर पर प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
डिमन की असहमति का कारण
जेमी डिमन ने कार्नी के विचार को व्यावहारिक नहीं माना। उन्होंने कहा कि यदि केवल देशों का एकजुट होना ही सफलता की कुंजी होती, तो यूरोप आज दुनिया की सबसे मजबूत आर्थिक शक्ति होता। यूरोप का आर्थिक समूह होने के बावजूद उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में कमी आई है।
निवेश-अनुकूल नीतियों की आवश्यकता
डिमन ने यह भी कहा कि किसी देश की आर्थिक मजबूती केवल राजनीतिक सहयोग से नहीं तय होती। सरकारों को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां उद्योग और निवेशक आसानी से निवेश कर सकें। उन्होंने अमेरिका के शेयर बाजार की तुलना में यूरोप के बाजार की स्थिति को भी उजागर किया।
कार्नी का दृष्टिकोण
मार्क कार्नी का मानना है कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है और बड़ी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा का असर छोटे और मध्यम देशों पर भी पड़ रहा है। उनके अनुसार, समान विचारधारा वाले देशों का सहयोग आर्थिक दबाव और टैरिफ जैसी चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा।
चीन और अमेरिका पर डिमन का संदेश
जेमी डिमन ने हाल ही में कहा कि अमेरिका अब भी निवेश के लिए सबसे सुरक्षित बाजार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चीन ने कई देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की कोशिश की है। कनाडा का प्रस्तावित सहयोग मॉडल और अमेरिकी कारोबारी जगत की प्रतिक्रिया वैश्विक आर्थिक बहस का नया केंद्र बन गई है।