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करनाल में किसानों के लिए नई कृषि तकनीक केंद्र की शुरुआत

करनाल में एक नया कृषि तकनीक केंद्र खोला गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को खारेपन से प्रभावित भूमि को उपजाऊ बनाना और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस केंद्र में किसानों को एकीकृत सेवाएं, जैसे मिट्टी की जांच और फसल सुरक्षा की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा, युवाओं को ड्रोन तकनीक की प्रशिक्षण दी जाएगी, जिससे वे अपने गांवों में स्थायी रोजगार प्राप्त कर सकें। यह पहल खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
 

करनाल में कृषि तकनीक केंद्र का उद्घाटन

करनाल और उसके आस-पास के क्षेत्रों के किसानों के लिए 1 मार्च को एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। सिंजेंटा इंडिया ने करनाल के ICAR-सेंट्रल सॉयल सैलिनिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSSRI) में एक नया 'एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन एंड फार्मर्स रिसोर्स सेंटर' स्थापित किया है। यह आधुनिक केंद्र उन हरियाणा के किसानों के लिए फायदेमंद होगा जिनकी उपजाऊ भूमि खारेपन से प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही, ग्रामीण युवाओं को स्थायी रोजगार प्रदान करने के लिए यहां ड्रोन तकनीक की विशेष प्रशिक्षण दी जाएगी।


किसानों के लिए एकीकृत सेवा केंद्र

किसानों के लिए सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म की सुविधा


यह नया केंद्र किसानों के लिए एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। अब किसानों को सरकारी योजनाओं, मिट्टी की जांच और आधुनिक कृषि संबंधी जानकारी के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यहां कृषि विशेषज्ञ सॉयल हेल्थ कार्ड का विश्लेषण, जल प्रबंधन और फसलों की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक सलाह प्रदान करेंगे। किसान यहां मौसम की भविष्यवाणी और वास्तविक फसल सुरक्षा उत्पादों की पहचान करना भी सीख सकेंगे।


युवाओं को रोजगार के अवसर

रोजगार से जुड़ेगा युवा, रुकेगा गांवों से पलायन


इस केंद्र का मुख्य ध्यान स्थानीय युवाओं पर है, ताकि खेती में नई जान फूंकी जा सके। सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर सिंजेंटा इंडिया के एमडी और कंट्री हेड सुशील कुमार ने बताया कि गांवों से शहरों की ओर युवाओं का पलायन रोकना अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, यहां युवा पुरुषों और महिलाओं को प्रिसिजन एग्रीकल्चर के तहत कृषि ड्रोन उड़ाने और खेतों में सुरक्षित स्प्रे करने की तकनीकी प्रशिक्षण दी जाएगी। तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर युवा अपने रोजगार की शुरुआत कर सकेंगे।


खारी जमीन को उपजाऊ बनाना

खारी जमीन उगल सकेगी सोना


खारी जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने के लिए 29 अक्टूबर 2024 को सिंजेंटा इंडिया और CSSRI के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था। इसी साझेदारी के तहत अब लवणीय और जलभराव वाले क्षेत्रों में फील्ड डेमो और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे किसानों को वैज्ञानिक तरीकों से सही समय पर सही फसल बोकर अपनी आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी।