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कर्नाटक में गुटखा और तंबाकू पर एक साल का प्रतिबंध

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाले पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम राज्य में तंबाकू और निकोटीन के सेवन को कम करने के लिए उठाया गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पहले ही इस प्रतिबंध का संकेत दिया था। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और इसके प्रभाव के बारे में।
 

कर्नाटक में नशा मुक्त अभियान


नशा मुक्त कर्नाटक: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाले पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने निर्देश जारी किए हैं। यह अधिसूचना जुलाई में जारी की गई थी।


निर्माण और बिक्री पर रोक
इस आदेश के अनुसार, राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक रहेगी।


मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जून में इस प्रतिबंध का संकेत दिया था। अधिसूचना में विशेष रूप से उन उत्पादों का उल्लेख है जिनमें तंबाकू और निकोटीन शामिल हैं, जो पाउच, थैली, पैकेज या कंटेनर में बेचे जाते हैं।


जून में बेंगलुरु के कांतीरवा स्टेडियम में राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 31वें स्थापना दिवस समारोह और 'नशा मुक्त भारत सम्मेलन' में मुख्यमंत्री ने कड़े कदम उठाने की बात कही थी।