कश्मीर से ईरान के लिए मानवीय सहायता: लोगों का दिल छू लेने वाला योगदान
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच, कश्मीर के लोग ईरान के लिए दिल खोलकर दान कर रहे हैं। इस अभियान में सोने, चांदी, और अन्य वस्तुओं का योगदान शामिल है। एक छोटी बच्ची ने अपने गुल्लक को तोड़कर दान दिया, जबकि एक विधवा महिला ने अपने पति की याद में सोना दान करने का निर्णय लिया। ईरानी दूतावास ने इस सहायता के लिए कश्मीरियों का धन्यवाद किया है। जानिए इस मानवीय सहायता अभियान की और भी भावुक कहानियाँ।
Mar 23, 2026, 11:58 IST
कश्मीर में ईरान के लिए दान का अभियान
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच एक तस्वीर ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। जहां एक ओर मिसाइलों और हमलों की खबरें हैं, वहीं दूसरी ओर भारत से ईरान को सहायता भेजने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। भारत ने ईरान को इतनी मदद दी है कि अब ईरान 'थैंक यू इंडिया' कह रहा है। कश्मीर घाटी के लोग इस समय ईरान के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं। बटगांव से लेकर बारामुला तक, लोग ईरान के लिए दान देने में जुटे हैं। यह दान केवल पैसे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सोना, चांदी, गहने, तांबे के बर्तन, यहां तक कि बाइक और कार भी शामिल हैं। ईद के बाद कश्मीर में लगभग 3.4 करोड़ रुपये का दान इकट्ठा किया गया है, जिसे ईरान में मानवीय सहायता के लिए भेजा जाएगा। कुछ समय पहले ईरानी दूतावास ने दान स्वीकार करने की घोषणा की थी, जिसके बाद ये तस्वीरें कश्मीर से आई हैं।
भावुक दान की कहानियाँ
इस अभियान की सबसे भावुक तस्वीर तब सामने आई जब एक छोटी बच्ची अपने हाथ में गुल्लक लेकर आई और उसने अपना गुल्लक तोड़कर ईरान के लिए पैसे दान करने की इच्छा व्यक्त की। ईरानी दूतावास ने इस बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। एक और दिल को छू लेने वाली कहानी एक विधवा महिला की है, जिसने अपने पति की याद में रखा हुआ सोना भी ईरान में मानवीय सहायता के लिए दान करने का निर्णय लिया। यह वीडियो भी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा किया। यह दान अभियान मस्जिदों और स्थानीय स्तर पर कश्मीर में चलाया गया, जहां लोग स्वेच्छा से मदद कर रहे हैं। उनका मानना है कि भले ही वे ईरान जाकर मदद नहीं कर सकते, लेकिन आर्थिक सहायता देकर वे अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
ईरान के प्रति कश्मीरियों का गहरा जुड़ाव
कश्मीर में बड़ी संख्या में शिया मुसलमान रहते हैं, जो ईरान के साथ गहरा संबंध मानते हैं। हाल ही में जब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामिनई का निधन हुआ था, तब अमेरिका और इजराइल के हमले के खिलाफ कश्मीर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। अब, दान की ये तस्वीरें उसी जगह से आ रही हैं, जहां लोग दिल खोलकर ईरान के लिए सहायता प्रदान कर रहे हैं। इस बीच, भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने इस सहायता के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी दयालुता और मानवता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। उन्होंने कश्मीर के लोगों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी यह मदद और भावनाएं हमेशा ईरान में याद रखी जाएंगी।