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किसानों की प्रमुख मांगों पर पंजाब के राज्यपाल से चर्चा

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य, कर्जमुक्ति और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर अपनी मांगें रखीं। राज्यपाल ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। इस बैठक में किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। जानें इस मुलाकात में और क्या हुआ।
 

किसानों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला


संयुक्त किसान मोर्चा (पंजाब) का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिला। इस मुलाकात में किसानों ने अपनी मुख्य मांगों का ज्ञापन प्रस्तुत किया और कृषि से संबंधित समस्याओं पर गहन चर्चा की। राज्यपाल ने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।


किसानों की प्रमुख मांगें

लोक भवन पंजाब में आयोजित इस बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी सुरक्षा, किसानों और श्रमिकों की कर्जमुक्ति, फसल बीमा योजना को सुदृढ़ करने और भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा, जल संसाधनों के संरक्षण और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर भी विचार किया गया। किसान नेताओं ने कहा कि खेती से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से हल की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इन पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने किसान आंदोलनों से जुड़े मामलों को वापस लेने की भी मांग की।


राज्यपाल का आश्वासन

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किसानों की बातों को ध्यान से सुना और कहा कि कृषि, जल और किसानों की आजीविका से जुड़े विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह किसानों की सभी मांगों और सुझावों को व्यक्तिगत रूप से पंजाब और केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगे। उन्होंने किसान संगठनों से यह भी कहा कि वे अपनी मांगों के साथ व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान भी प्रस्तुत करें, ताकि संबंधित विभागों और सरकारों के सामने मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा जा सके।


एफआईआर और अन्य मामलों पर चर्चा

बैठक के दौरान राज्यपाल ने किसान नेताओं को सूचित किया कि चंडीगढ़ में किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का प्रस्ताव राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। किसान नेताओं ने इस जानकारी का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि जल्द ही सकारात्मक निर्णय आएगा। बैठक के अंत में, संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का धन्यवाद किया और कहा कि किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने में यह मुलाकात महत्वपूर्ण रही। दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।