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किसानों के लिए राहत: प्याज का न्यूनतम खरीद मूल्य बढ़ा

केंद्र सरकार ने प्याज के न्यूनतम खरीद मूल्य को बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दिया है, जो पहले 15.80 रुपये था। यह निर्णय किसानों को बेहतर दाम दिलाने और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, महाराष्ट्र के किसान 30 रुपये प्रति किलो की मांग कर रहे हैं, यह दर्शाता है कि उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण मौजूदा दरें अपर्याप्त हैं। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की वजह और सरकार की खरीद प्रक्रिया के बारे में।
 

प्याज की खरीद प्रक्रिया में सुधार

प्याज की कीमतें: प्याज उगाने वाले किसानों के लिए एक सकारात्मक समाचार आया है। केंद्र सरकार ने किसानों को सहायता प्रदान करने और प्याज की खरीद प्रक्रिया को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने बफर स्टॉक योजना के अंतर्गत प्याज का न्यूनतम खरीद मूल्य 16.50 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है, जो पहले 15.80 रुपये प्रति किलो था। यह नई दर शनिवार (13 जून 2026) से प्रभावी हो गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने के लिए उठाया गया है।

हालांकि, महाराष्ट्र, जो देश का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है, के किसान अब भी 30 रुपये प्रति किलो की खरीद मूल्य की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि बढ़ती उत्पादन लागत के मुकाबले मौजूदा खरीद मूल्य अपर्याप्त है। किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए वर्तमान दरें उनके लिए संतोषजनक नहीं हैं।

इस सीजन के लिए प्याज की सरकारी खरीद 15 मई से शुरू हो चुकी है। यह खरीद Price Stabilisation Fund (PSF) के तहत बनाए जाने वाले बफर स्टॉक के लिए की जा रही है। सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 3 लाख टन प्याज की खरीद की गई थी।