केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अक्टूबर में महत्वपूर्ण बैठकें और DA में संभावित बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग की गतिविधियाँ
8वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें अब अक्टूबर पर हैं। इस महीने आयोग की प्रक्रिया के तहत कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, महंगाई भत्ते (DA) के संबंध में भी सरकार की ओर से निर्णय की उम्मीद की जा रही है। इस प्रकार, अक्टूबर केवल बैठकों का महीना नहीं होगा, बल्कि वेतन और भत्तों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं का भी समय हो सकता है।
बैठकों का कार्यक्रम
आगामी बैठकें बेंगलुरु और मुंबई में आयोजित की जाएंगी। बेंगलुरु में 7 और 8 अक्टूबर को बैठकें निर्धारित हैं। इसके लिए पात्र कर्मचारी संगठनों और हितधारकों से आवेदन मांगे गए थे, जिनकी अंतिम तिथि 18 सितंबर 2026 थी। इसके बाद, 21 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन में मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को बैठक की जानकारी दी गई। संबंधित हितधारकों को 10 अक्टूबर तक आवेदन या प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया है।
महंगाई भत्ते में संभावित वृद्धि
DA में संभावित वृद्धि से सैलरी पर असर
कर्मचारियों को अक्टूबर में महंगाई भत्ते के संबंध में निर्णय का इंतजार रहेगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार DA में 3 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती है। नवरात्रि के दौरान इस संबंध में घोषणा होने की संभावना है। यदि 3 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 63 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, इस वृद्धि पर अंतिम निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा।
आयोग की रिपोर्ट के लिए समय सीमा
आयोग को 18 महीने का समय मिला
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग में तीन सदस्य हैं और इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। इस समयसीमा के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है। आवश्यकता पड़ने पर आयोग सरकार से समय बढ़ाने का अनुरोध भी कर सकता है।
राज्यों में कर्मचारियों की राय जुटाना
राज्यों में सुझावों का संग्रह
वर्तमान में, 8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य पात्र संगठनों से सुझाव एकत्र कर रहा है। आयोग ने कई राज्यों का दौरा कर हितधारकों से बातचीत की है। जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर को बैठकें हुई थीं, जबकि चंडीगढ़ में 16, 17 और 18 सितंबर को बैठकें आयोजित की गईं। इन मुलाकातों के माध्यम से कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों की मांगों और सुझावों को सामने लाया जा रहा है।