केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: छात्रों के प्रदर्शन का असर
दिल्ली में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
दिल्ली: छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने उनके इस्तीफे की मांग की थी।
धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम एक पत्र में अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "...यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देशभर की स्थिति का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी मुश्किलों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।"
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
प्रधान ने आगे लिखा, "मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशक से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा हमेशा यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया। साथ ही पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।"
प्रधान ने बताया कि इस दौरान हमारी प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा संपन्न हुई। मैंने इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।"
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कुछ दिनों से जारी छात्रों का प्रदर्शन अब खत्म होने की उम्मीद है।
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में अपने आवास पर छात्रों से मुलाकात की थी। बाद में उन्होंने कहा था कि छात्रों की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए। इसके बगैर कोई समझौता नहीं होगा।