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केजरीवाल का अयोध्या दौरा: चढ़ावे चोरी पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे चोरी के विवाद पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को वहां जाने की योजना बनाई है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे में अनियमितता के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है। केजरीवाल ने कहा कि यदि कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले में शामिल है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
 

केजरीवाल का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर दौरा

नई दिल्ली: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के विवाद के बीच, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को मंदिर के दर्शन के लिए अयोध्या जाने की योजना बना रहे हैं।


केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मंदिर में चढ़ावे की चोरी से हर सनातनी बेहद दुखी है। मैं शुक्रवार को रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाऊंगा और वहां भगवान रामलला के दर्शन करूंगा।"


उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे में अनियमितता के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।


पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि सरकार किसे बचा रही है। यदि कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले में शामिल है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है।


इस बीच, इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और यह मुद्दा चर्चा में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण से संबंधित एक याचिका उच्च न्यायालय में दायर की गई है, जिस पर 22 जून को सुनवाई हो सकती है। याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और चढ़ावे का पूर्ण ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से करवाया जाए। 19 जून को समय की कमी के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी, लेकिन अब इस पर आगे की सुनवाई की संभावना जताई जा रही है।


वहीं, जांच में अब तक कई खुलासे हो चुके हैं। एसआईटी जल्द ही इस मामले की जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप सकती है, जिसके बाद मामले में बड़ा एक्शन हो सकता है।