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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चट्टान गिरने से हुआ बड़ा हादसा, एक की मौत

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग में चट्टान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाते हुए यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। घटना के बाद ढीली चट्टानों को हटाने का कार्य तेज कर दिया गया है। जानें इस हादसे के बारे में और क्या कदम उठाए गए हैं।
 

सोनप्रयाग में चट्टान गिरने की घटना

रुद्रप्रयाग- केदारनाथ यात्रा के दौरान सोनप्रयाग क्षेत्र में गुरुवार को एक गंभीर हादसा हुआ। हनुमान मंदिर के पास अचानक पहाड़ी से ढीली चट्टानें और पत्थर गिरने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि दूसरे का इलाज जारी है।


जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यह घटना शुक्रवार सुबह 8 बजे सोनप्रयाग मार्केट में बैरियर के पास हुई। इस हादसे में उम्मेद सिंह नेगी (48) निवासी बड़ेथ और बम बहादुर (42) निवासी नेपाल गंभीर रूप से घायल हुए। दोनों को तुरंत सोनप्रयाग के एमआरपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उम्मेद सिंह नेगी की मौत हो गई। बम बहादुर की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज चल रहा है।


घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाने का कार्य किया। प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।


नंदन सिंह रजवार ने कहा, "शुक्रवार सुबह 8 बजे अचानक चट्टानें गिरने लगीं, जिसमें दो लोग चपेट में आ गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां एक की मौत हो गई। हमने दो दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि इस क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही न करें। मैं खुद मौके पर गया था और लोगों को सचेत किया था।"


उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर अतिक्रमण करने वालों को हटाने के लिए सेक्टर अधिकारी और पुलिस लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग नहीं मान रहे हैं। रजवार ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करने और सेक्टर अधिकारियों को सहयोग करने की अपील की।


इस घटना के बाद प्रशासन ने सोनप्रयाग क्षेत्र में ढीली चट्टानों को हटाने का कार्य तेज कर दिया है। केदारनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर गिरने की घटनाएं आम हैं, इसलिए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी है। एसडीआरएफ और पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि मौसम और भू-संरचना को देखते हुए यात्रियों को निर्देशित मार्गों पर ही चलने की सलाह दी जा रही है।