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कॉमर्शियल गैस और जेट फ्यूल की कीमतों में भारी वृद्धि

पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस और जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। एक अप्रैल से कॉमर्शियल गैस के सिलेंडर की कीमत में 218 रुपए की वृद्धि हुई है, जबकि जेट फ्यूल की कीमत में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह वृद्धि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण हुई है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। जानें इस बढ़ोतरी का विभिन्न क्षेत्रों पर क्या असर पड़ेगा और दिल्ली तथा चेन्नई में नई कीमतें क्या होंगी।
 

गैस और जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी

नई दिल्ली। पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों ने एक महीने में दूसरी बार कॉमर्शियल गैस की कीमतों में वृद्धि की है। एक अप्रैल से कॉमर्शियल गैस के सिलेंडर की कीमत में 218 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले, एक मार्च को इसकी कीमत में 115 रुपए का इजाफा हुआ था। इसके साथ ही, जेट फ्यूल की कीमत में भी 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि पहले इसमें सौ प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना जताई गई थी।


पश्चिम एशिया में संघर्ष का प्रभाव

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति में, सरकार ने कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति को युद्ध से पहले के स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित रखा है। कीमतों में इस वृद्धि का असर कई क्षेत्रों पर पड़ेगा। तेल कंपनियों द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद, चेन्नई में सिलेंडर की कीमत सबसे अधिक होगी, जो 2,246.50 रुपए होगी। वहीं, दिल्ली में 19 किलो का कॉमर्शियल सिलेंडर 2,078.50 रुपए में उपलब्ध होगा।


जेट फ्यूल की कीमतों में भी इजाफा

जेट फ्यूल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। दिल्ली में एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीफी) की कीमत अब 1,04,927 रुपए प्रति किलोलीटर हो गई है, जो मार्च में 96,638 रुपए थी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि होरमुज की खाड़ी बंद होने से ऊर्जा बाजार में महंगाई बढ़ गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यदि सरकार हस्तक्षेप नहीं करती, तो ईंधन की कीमतें दोगुनी से अधिक हो जातीं। यह स्पष्ट किया गया है कि जेट फ्यूल की कीमत में कम वृद्धि केवल घरेलू उड़ानों के लिए है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ी हुई कीमत चुकानी होगी।